प्लाइवुड की गुणवत्ता के लिए ड्रायर महत्वपूर्ण है, क्योंकि केवल प्रेसिंग से मनचाही गुणवत्ता नहीं मिलेगी

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एलएम इंजीनियरिंग भारत में एक प्रतिष्ठित, प्रसिद्ध, भरोसेमंद और जांचा परखा ड्रायर निर्माता हैं। दक्षता हासिल करने के लिए एलएम इंजीनियरिंग प्लाइवुड उद्योग के खातिर ड्रायर में नई नई तकनीकों की पेशकश करती रहती है। उन्होंने भारतीय प्लाइवुड मशीनरी मैन्यूफैक्चरिंग में एक अलग नाम अर्जित किया है और दशकों से लंबी पेंडिंग आॅर्डरों के साथ काम किया है। भारत के अलावा, वे आइवरी कोस्ट, गेबाॅन, घाना, बांगलादेश, श्रीलंका, म्यांमार, लाओस पीडीआर, वियतनाम, नेपाल और भूटान को भी ड्रायर की सप्लाई करते हैं। कंपनी ईमानदारी से दुनिया भर में अपने खरीदारों की अपेक्षा को पूरा करने के लिए हमेशा तत्पर रहती है ताकि वे अपना नाम सबसे ऊपर रखने में कायम रह सके। इस अंक के ‘‘मशीनरी टाॅक‘‘ काॅलम के लिए, प्लाई रिपोर्टर ने प्लाइवुड उत्पादकों के लिए मशीनों के सही रख रखाव, सावधानी और फायदे के लिए एलएम इंजीनियरिंग के निदेशक श्री के के साह से बात की, प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश।

Q. ड्रायर खरीदने से पहले किन किन महत्वपूर्ण विंदुओं और विशेषताओं का ख्याल रखा जाना चाहिए?

A. कोई ड्रायर खरीदने से पहले, खरीदार को अपनी उत्पादन क्षमता के बारे में पता होना चाहिए। यह भी बहुत महत्वपूर्ण है कि वह किस प्रकार का बॉयलर (हीटर), खरीद रहा है या खरीदना चाहता है, क्यांेकि उत्पादन उस पर भी निर्भर करेगा। इसके बाद ही उसे एक अच्छी गुणवत्ता वाले ड्रायर मशीन के लिए फैसला करना चाहिए।

Q. एफिसिएन्सी के लिए ड्रायर की लंबाई और चैड़ाई या आकार और वजन, कितना महत्वपूर्ण है?

A. बेशक, ड्रायर की अच्छी क्षमता के लिए मशीन के आकार, चैड़ाई और लंबाई बहुत महत्वपूर्ण है। आदर्श रूप से 15 डे लाइट के 2 प्रेस के लिए 6 सेक्शन और 4 डेक के दो ड्रायर पर्याप्त हैं। स्टीम बॉयलर के मामले में, सेक्शन की संख्या बढ़ जाती है। ड्रायर की लंबाई अधिक होने से एफिसिएंसी अघिक होती है। सभी के लिए स्टैण्डर्ड चैड़ाई लगभग 15 फीट ही होती है। वास्तव में एक ड्रायर का आकार किसी प्लांट में जगह की उपलब्धता पर भी निर्भर करता है।

Q. बडे/व्यवस्थित प्लांट या छोटे एकल प्रेस वाले यूनिट के लिए ड्रायर खरीदने के लिए टेक्निकल स्पेसिफिकेशन या खरीदने के तरीको में क्या कोई अंतर होता है?

A. हां, बड़े/संगठित प्लांट और एक छोटे प्लांट की जरूरतों मेंअंतर होता है। यह उनके उत्पादन मात्रा और गुणवत्ता पर भी निर्भर करता है। 8 सेक्शन के 4 डेक वाले ड्रायर, जंबो ड्रायर है जिसे लगभग किसी भी औसत प्लांट द्वारा लगाया जाता है। आकार बनाये रखने के लिए 10 सेक्शन और 12 सेक्शन के ड्रायर की भी मांग हैं।

ड्रायर में एलएम द्वारा किए गए लेटेस्ट डेवलपमेंट क्या हैं और इससे एफिसिएंसी कैसे प्रभावित हुईघ्समय.समय पर संशोधन कर हमारे ड्रायर में कई सुधार किए गए हैं। हमने ड्रायर के आकारों में मात्रा को कम कर दिया हैए यही कारण है किए हमने बिजली और बॉयलर ईंधन की कम खपत के साथ सुखाने की दक्षता में वृद्धि की है। प्रभावशीलता और आकार में सुधार को ध्यान में रखते हुएए हम तेजी से अनुकूलन और ईंधन लागत और एफिसिएंसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। फिर भी हम कम ऊर्जा खपत के साथ सर्वोत्तम दक्षता हासिल करने के लिए अभी भी आरएंडडी कर रहे हैं। हमारे पास तापमान और स्पीड सिंक्रनाइजेशन के लिए पीएलसी नियंत्रिक का विकल्प भी है लेकिन यह प्रशिक्षित तकनीकी ऑपरेटर संचालित प्लांट के लिए अत्यधिक प्रभावी है।

पिछले 5 वर्षों के दौरान ड्रायर की मांग कैसी रही और क्योंघ्पि छले पांच वर्षों के दौरानए ड्रायर की मांग वास्तव में बहुत अच्छी रही। विशेष रूप से पिछला दो साल बहुत अच्छा रहा। कुछ समय के लिए हमने मांग में कमी देखीए लेकिन बड़े पैमाने पर अच्छा ही था। प्लाइवुड संयंत्रों के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण के चलते भी मांग में तेजी आई है। मुझे लगता है कि पिछले डेढ़ सालों में हरियाणा मेंए कुछ हद तक पंजाब और यूपी में जारी किए गएए नए लाइसेंस के कारणए बाजार में ड्रायर्स की मांग अविश्वसनीय रूप से बढ़ी है।

Q. पिछले 3 वर्षों के दौरान फ्लैट ट्यूब प्रेस ड्रायर की मांग उत्तर में हर जगह है। बैंड ड्रायर और ट्यूब ड्रायर के बीच कोर को सुखाने की गुणवत्ता में क्या अंतर है?

A. पिछले 3 वर्षों से ट्यूब प्रेस ड्रायर की मांग हो रही है। लेकिन यह नया नहीं है, यह 4ग4 हॉट प्लेट प्रेस का मोडिफाइड वर्जन है जो लगभग सभी उत्तर भारतीय प्लाई फैक्ट्री के पास पिछले 25 वर्षों से है। ट्यूब प्रेस ड्रायर में, आप अपने उत्पादन को बढ़ा सकते हैं, लेकिन आप अपने कारखाने को ठीक से नहीं चला सकते, साथ ही विनियर में लगातार गुणवत्ता और नमी भी प्राप्त नहीं कर सकते हैं। अगर कोई सोचता है कि वह केवल प्रेस ड्राईंग से ही कारखाना चला सकते है तो उनको कई परेशानियों और बर्बादी का सामना करना पड़ेगा। प्रेस ड्रायर हमेशा फ्लैंटेसन के लिए हमारे बैंड ड्रायर का सहयोगी रहा है। दक्षिण भारत में, फ्लैट प्रेस ड्रायर नहीं हैं क्योंकि लकड़ी में समतलता की प्रकृति होती है। लेकिन उत्तर भारत के लिए एक फ्लैट प्रेस ड्रायर की सलाह दी जाती है क्योंकि अधिकांश प्लांट स्टीम बॉयलर पर चलते हैं।

Q. क्या ट्यूब प्रेस ड्रायर ने बैंड ड्रायर की बिक्री को प्रभावित किया है?

A. बिलकुल नहीं, बैंड ड्रायर और ट्यूब प्रेस ड्रायर के बीच कोई संबंध नहीं है। चूंकि बैंड ड्रायर मुख्य रूप से फेस विनियर को सुखाने के लिए उपयोग किया जाता है और ट्यूब प्रेस ड्रायर का उपयोग मुख्य रूप से कोर विनियर के लिए किया जाता है। इसलिए बैंड ड्रायर की बिक्री प्रभावित होने का कोई सवाल नहीं है। उत्तर में, अधिक नमी के साथ बैंड ड्रायर में विनियर सुखाने की सलाह दी जाती है और फिर स्थिरता प्राप्त करने के लिए फ्लैट प्रेस को 6 फीसदी तक रखें जबकि अन्य जगहों में बैंड ड्रायर पर्याप्त हैं और उन्हें अतिरिक्त मशीन जोड़ने की आवश्यकता नहीं है। बैंड ड्रायर गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण हैं, सिर्फ प्रेंसिंग, क्पालिटी के लिए पर्याप्त नहीं है।

Q. प्लाइवुड उद्योग को आॅटोमेशन की आवश्यकता है, तो आप सूखने की प्रक्रिया में आॅटोमेशन के लिए क्या सुझाव देंगे?

A. प्रत्येक प्लाइवुड उद्योग में उत्पादन की सर्वोत्तम मात्रा प्राप्त करना पसंद करते है, इसके लिए उन्हें कारखाने में उत्पादन के लिए ऑटोमेशन अपनाना चाहिए। ड्रायर में मशीन ऑटोमेशन किया जा सकता है, लेकिन हमारे देश में विभिन्न प्रकार के साइज वाले विनियर का उपयोग किया जाता हैं इसलिए ऑटोमेशन को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल है। भारत के बाहर, विनियर में स्टैंडर्डाइजेशन है, जैसे 4ग्2, 4ग्4 इसलिए एक ही आकार की फीडिंग को स्वचालित की जा सकती है जबकि भारत में 1 फीट, 2 फीट या यहां तक की शार्ट कोर की भी फीडिंग की जाती है, इसलिए ऑटो फीडिंग संभव नहीं है।

Q. हाल ही में गैबाॅन में भारतीयों द्वारा वुड विनियर मैन्यूफैक्चरिंग के लिए लगभग 25 इकाइयां स्थापित की गई हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश चीनी ड्रायर पसंद करते हैं, क्यों?

A. हमने पहले म्यांमार में देखा था, भारतीय निर्माताओं ने भारी निवेश के साथ अपने कारखाने स्थापित किया लेकिन म्यांमार सरकार के नीति के कारण वहां लकड़ी की कमी हो गई और वे कारखानो के साथ-साथ मशीनों का भी उपयोग नहीं कर सके, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ। परिणामस्वरूप गैबॉन में वे अपने पिछले अनुभव से डरे हुए हैं। इसलिए उन्होंने चाइनीज मशीन के साथ शुरू किया है। लेकिन डेढ़ साल के बाद, उन्हें एहसास हुआ है कि यूरोपीय खरीददार उनसे विनियर नहीं खरीद रहे हैं और वे अच्छी गुणवत्ता वाले विनियर भी नहीं बना सकते हैं। अब वे भारतीय मशीनों को खरीदने का फैसला कर रहे हैं।

Q. आप भारत में प्लाइवुड उद्योग के भविष्य को कैसे देखते हैं?

A. भविष्य में भारत में प्लाइवुड की मांग अच्छी होगी, अगर रियल एस्टेट का व्यवसाय अच्छा प्रदर्शन करेगा। हमें भारतीय प्लाइवुड के निर्यात की संभावनाओं को भी तलाष करनी चाहिए।

Q. ड्रायर के अच्छे प्रदर्शन के लिए प्लाइवुड निर्माताओं को रखरखाव के लिए क्या टिप्स देंगे ?

A. ड्रायर मशीन के रखरखाव के मैनुअल के अनुसार प्रत्येक रविवार या साप्ताहिक अवकाश में धूल कण को साफ करने, सफाई इत्यादि के लिए मशीन के नियमित रखरखाव के कार्यक्रमों का पालन किया जाना चाहिए। नतीजतन, प्लाई निर्माताओं के लिए ड्रायर की कार्यक्षमता और बेहतर दक्षता बनी रहेगी।

Q. प्लाई निर्माताओं के लिए आवश्यक नई चीजें और विकास के बारे में आपका क्या सुझाव है?

A. प्लाइवुड उद्योग को जनशक्ति लागत कम करने के लिए ‘परिष्करण के बाद ऑटोमेशन‘ के लिए आगे आना चाहिए, जो बड़ी फैक्ट्रियों द्वारा पहले से ही अपनाया जा चुका है। इसले लिए एक प्लाइवुड मैन्यूफैक्चरिंग के लिए ड्रायर को भी स्वचालित कर सकता है। मैं सलाह देना चाहूंगा कि अच्छी गुणवत्ता वाली मशीनें खरीदें और प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए वास्तविक वांछित गुणवत्ता का उत्पादन करें।

Q. यदि अवसर दिया जाए, तो आप भविष्य में किस उद्योग में आना चाहेंगे और क्यों?

A. हम भविष्य में इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन उद्योग को सप्लाई करना चाहते हैं।

Q. प्लाई रिपोर्टर पत्रिका के बारे में आपका विचार?

A. प्लाई रिपोर्टर वुड पैनल उद्योग में एक बहुत अच्छी और अग्रणी पत्रिका है। वे हमेशा दुनिया भर से सभी नए अपडेट देकर प्लाइवुड उद्योग को बहुत मदद करती है, इससे उद्योग को आगे बढ़ाने में बहुत मदद मिलता है।
 

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