वैश्विक मांग में वृद्धि के कारण कंटेनरों के रेट बढ़ेः शिपिंग कंपनिया

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कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण, वुड पैनल उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग इनपुट कॉस्ट लगातार बढ़ रही है। कीमतें बढ़ने के लिए शिपिंग कंटेनरों की ऊंची और भयावह दरें और स्थानीय स्तर पर कच्चे माल की अपर्याप्त
उपलब्धता को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और लोगों में इसको लेकर खूब चर्चा भी हो रही है। बंदरगाहों पर कंटेनर की कम उपलब्धता आयातित कच्चे माल की अनुपलब्धता का एक बड़ा कारण है।

यह मैन्युफैक्चरर्स के सामने कड़ी चुनौतियां पैदा कर रही हैं और वे उपलब्ध स्टॉक को अधिक कीमत पर खरीदने के लिए बाध्य हैं। बढ़ते इनपुट कॉस्ट के साथ लैमिनेट, प्लाइवुड, पीवीसी बोर्ड, फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग काफी महंगा हो गया है। दूसरी ओर शिपिंग कंपनिया संकेत दे रही हैं कि तीसरी तिमाही में वैश्विक व्यापार काफी तेजी से बढ़ने से उन्हें अपनी क्षमता बढ़ानी पड़ी और कीमतों में 300 फीसदी तक वृद्धि करने को मजबूर किया।

डंमतेा-दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग फर्म के सीईओ सोरेन स्काउ ने ब्छठब् को बताया कि डंमतेा की चैथी तिमाही का प्रॉफिट उम्मीद से ज्यादा है, जो पिछले क्वार्टर के असाधारण और चुनौतीपूर्ण रहने के बाद 2021 के लिए एक उत्साहित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि 2020 की दूसरी तिमाही में डंमतेा के वॉल्यूम में 15 फीसदी की गिरावट के बाद, वर्ष के अंत में, विशेष रूप से न्ै और यूरोप में आई तेजी से वैश्विक व्यापार में 5 फीसदी वृद्धि हुई है। यह क्षमता और कंटेनरों की कमी के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण अड़चन है, जिसके कारण माल भाड़े की दर अधिक हुई है।

दूसरी तिमाही क्षमता में कमी के बाद मांग में गिरावट आई,  उन्होंने CNBCको बताया कि Maersk और अन्य वाहक कम्पनियां अब अपनी कंटेनर क्षमता एक बार फिर से तैयारचुके हैं। इसलिए हम मांग में अभूतपूर्व वृद्धि से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। चूँकि उपभोक्ता खर्च कर रहे हैं, इसलिए मांग में वृद्धि भी है, साथ ही बड़ी स्टॉकिंग शुरू हुई है, क्योंकि बड़े खुदरा विक्रेताओं ने 2020 की दूसरीतिमाही और गर्मियों में वास्तव में एशिया में सामान खरीदना बंद कर दिया था, इसलिए मांग में वृद्धि हुई।

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