सेंचुरी प्लाईबोर्ड के चेयरमैन श्री भजंका से बातचीत

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चीन की 40 मिलियन सीबीएम एमडीएफ खपत की तुलना में भारत की एमडीएफ क्षमता सिर्फ 1 मिलियन सीबीएम है, फिर भी चीन लगभग 60 मिलियन सीबीएम प्लाइवुड का उपभोग करता है। ‘प्लाइवुड को रिप्लेस किया जा रहा है,’ एक विशाल आबादी वाले भारत जैसे देश के लिए जहां कारपेंटर इस सेगमेंट को लीड कर रहा हो, यह सोचना जल्दबाजी होगा।

सेंचुरी प्लाईबोर्ड इंडिया लिमिटेड, वुड पैनल प्रोडक्ट्स के पूरी रेंज जैसे प्लाइवुड, लैमिनेट, एमडीएफ, पार्टिकल बोर्ड, डेकोरेटिव विनियर और प्लाइवुड उद्योग के लिए फेस विनियर मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। सेंचुरी प्लाई 1984 में अपनी स्थापना के बाद से एक लंबा सफर तय कर चुकी है। इनकी षुरुआत बहुत थोड़े से संसाघन से हुई और अब जिसे भारत की षीर्श 250 कंपनियों में संदर्भित एक बड़ी सफल काॅर्पोरेट कंपनी में गिनती की जाती है। लगभग 2000 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार के साथ, सेंचुरी प्लाई देश की शीर्ष कंपनी के रूप में उभरी है। लोग कहते हैं कि ब्रांड ‘सेंचुरी प्लाई’ श्री सज्जन भजंका की ईमानदारी, कन्सिस्टेन्सी और दूरदर्शी नेतृत्व के आधार बनी है। प्लाई रिपोर्टर ने सबसे सफल, अनुभवी और दूरदर्शी व्यक्ति श्री सज्जन भजंका से वुड पैनल उद्योग की वर्तमान स्थिति और भविष्य के अनुमानित परिवर्तनों पर उनके विचार जानने के लिए मुलाकात की।

सेंचुरी प्लाईबोर्ड के चेयरमैन श्री भजंका से बातचीत, उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो प्लाइवुड और पैनल उद्योग के भविष्य को लेकर भय और संकोच के इस उलझन में हैं, कि ‘उभरते हुए विकल्प भारतीय बाजार में प्लाइवुड को जल्द ही रेप्लस कर देंगे।’

Q. आप इस वित्तीय वर्ष से वुड पैनल उद्योग में वृद्धि को कैसे देखते हैं?

A. मुझे लगता है कि, जीएसटी के साथ, यह हमारे उद्योग के लिए सही शुरुआत है। इससे पहले कंपनियां जिस स्केल पर चल रही थीं सभी उत्पाद प्राप्त करना मुश्किल था। अब तक, विकास जैसे तैसे हो रहा था, और उद्योग सही दिशा में नहीं बढ़ रहा था। हालांकि, जब 75-80 फीसदी अनुपालन हो जाएगा इसके बाद, लोग और संगठित तरीके से काम करना शुरू कर देंगे। नए मानदंड और प्रणालियाँ, जो आकार ले रही हैं, उससे प्लाइवुड पैनलों का असंगठित उद्योग एक संगठित उद्योग में बदल जाएगा। मुझे विश्वास है कि अगले एक डेढ़ सालों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। मानदंडों में अंतर के कारण उद्योग अब और पीछे नहीं रहेगा।

Q.  क्या हम उम्मीद कर सकते हैं कि बदलावों के साथ, जैसे कि सही मानदंडों के गठन के साथ उद्योग संगठित क्षेत्र में बदल जाएगा?

A. इससे पहले, यह माना जाता था कि यदि कोई उत्पाद शून्य शुल्क पर पेश किया जाता है तो केवल कुछ ही जैसे कि 10 फीसदी लोग धोखा देंगे लेकिन यदि ड्यूटी 100 फीसदी में परिवर्तित हो जाता है तो 10 फीसदी लोग, इसको शेष 80 फीसदी वे लोग हैं जो सरकारी नीतियों, करों और अनुदान से प्रभावित होते हैं। शुक्र है जीएसटी के बाद ड्यूटी कम है, जैसा कि यह 18 फीसदी तक ही है। उस पर लगभग 10 फीसदी लकड़ी, विनियर और अन्य पर लोगों को अनुदान में वापस किया जाता है, जो उचित है। इसके अलावा, जीएसटी कानून में एक वैल्यू चेन फाॅर्मेशन है। इसलिए, अगर कोई जीएसटी का भुगतान नहीं कर रहा है, तो वह किसी जीएसटी रिफंड के लिए भी योग्य नहीं होगा। इसके बजाय उसे एक्स्ट्रा पैसा देना होगा। इसलिए, इस प्रकार का वैल्यू चेन उद्योग में संतुलन लाएगा और गैर-बिल, कर रहित या अनौपचारिक कार्य संस्कृति को कम करेगा। एक डेढ़ साल में कार्य संस्कृति में 75 से 80 फीसद तक पारदर्शिता आएगी।

Q.  मांग और आपूर्ति के परिदृश्य को देखते हुए आप मांग में वृद्धि कब तक होना देखते हैं? क्या लोकसभा चुनाव के बाद मांग बढ़ेगी?

A. प्लाइवुड पूरी तरह से आवास वस्तुओं जैसे सीमेंट, लोहे और अन्य बिल्डिंग मेटेरियल जैसे सीमेंट और स्टील से सम्बंधित है। जब कंस्ट्रक्शन बढ़ जाती है तो देश भर में सीमेंट, स्टील इत्यादि जैसे उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। वर्तमान में, निर्माण पूरे जोरों में है। लोहे की कीमतें बढकर 50 रुपये/किग्रा तक हो गई है और सीमेंट की मांग भी अधिक है, जो ‘‘आने वाली‘‘ पैनलों के मांग को लेकर सकारात्मक संकेत है। इसलिए, जब इकाइयां तैयार होंगी, फर्नीचर और फर्निशिंग को लाभ होंगे।

Q. क्या आपको लगता है कि भारत का बाजार अन्य वुड बेस्ड पैनलों जैसे एमडीएफ/ पीबी की तरफ आगे बढ़ेगा?

A. मुझे लगता है कि दोनों का उपयोग होगा। प्लाइवुड मुख्य उत्पाद होगा क्योंकि भारत में कारपेंटर का एक विशाल आधार है जो ज्यादातर प्लाइवुड पसंद करते हैं। हालांकि यह लागत और उपयोग पर निर्भर करता है। वे आने वाले समय में टेबल टॉप, षटर, कैबिनेट, पार्टीशन या छत जैसे स्थानों पर उपयोग के लिए एमडीएफ का उपयोग करना शुरू कर देंगे।

Q. क्या आपको लगता है कि चीन कई उपयोग में प्लाइवुड का अधिक उपयोग कर रहा है?

A. हां, चीन प्लाइवुड और एमडीएफ दोनों बड़ी मात्रा में उपयोग कर रहा है। वास्तव में प्लाइवुड का उपयोग हाल ही में एमडीएफ की तुलना में बढ़ा है। मेरा मानना है कि, हमारे जैसे देशों में जहां विशाल जनसंख्या है, दोनों की जरूरत है, क्योंकि जरूरतें कई हैं। वास्तव में, न केवल चीन में बल्कि यूरोप में भी, प्लाइवुड की मांग में वृद्धि हुई है। कुछ उपयोग स्ट्रक्चरल इम्पाॅर्टेंस का है जैसे कि शटर और कई अन्य।

Q. यदि प्लाइवुड के उपयोग में कमी होती है तो आप लैमिनेट्स की मांग कैसे देखते हैं?

A. वर्तमान में, चीन में कुल खपत लगभग 120 मिलियन सीबीएम होने का अनुमान है। इनमें से 60 मिलियन सीबीएम प्लाइवुड है, 40 मिलियन सीबीएमए एमडीएफ, और 20 मिलियन सीबीएम पार्टिकल बोर्ड है। भारत में, एमडीएफ की वर्तमान क्षमता सिर्फ 1 मिलियन सीबीएम है। बाजार कम होने में समय लगेगा। चीन में भी, कभी यह 1 मिलियन सीबीएम से ही शुरू हुआ जहां आज यह 40 मिलियन सीबीएम का बाजार है। चीन में भी, लोग और प्रथाएं भारत के जैसे ही हैं। इसलिए, डेकोरेटिव लेमिनेट्स केटेगरी में भी विकास होगा क्योंकि प्लाइवुड की मांग बेहतर है और बढ़ती जा रही है।

Q. आप अन्य उत्पादों के साथ-साथ एमडीएफ के विकास को कैसे देखते हैं?

A. रेडीमेड फर्नीचर में, एमडीएफ और पार्टिकल बोर्ड का उपयोग बहुत ज्यादा हैं। इसलिए, उन स्थानों पर एमडीएफ का अधिक उपयोग है। मुझे लगता है कि भविष्य में, पैनल उत्पादों की वृद्धि दर लगभग 20 फीसदी होगी, जहां हर उत्पाद में कुछ वृद्धि दिखाई देगी। एमडीएफ लगभग 20 फीसदी से बढ़ रहा है क्योंकि यह तुलनात्मक रूप से नई केटेगरी है, जबकि प्लाइवुड की वृद्धि लगभग 8-10 फीसदी होगी। इसके बहुमुखी अनुप्रयोगों के कारण एमडीएफ की मांग अन्य पैनलों के बीच तेजी से बढ़ेगा।

Q. डेकोरेटिव विनियर और लैमिनेट्स पर आपकी राय क्या है?

A. विभिन्न वर्ग लोग अलग अलग वातावरण पसंद करते हैं और महसूस करते हैं। बहुत अधिक रखरखाव और पॉलिशिंग कॉस्ट के बावजूद बेहतरीन ग्राहक अलग अनुभवों और आसपास के वातावरण के प्रभाव के कारण विनियर का उपयोग करेंगे। लोअर मिडिल और ऑफिस सेगमेंट लैमिनेट का चयन करेगा क्योंकि इसमें कोई मेंटेनन्स कॉस्ट नहीं है। एक बार जब आप लैमिनेट लगा लेंगे, तो यह अगले 30-40 वर्षों तक चल सकता है। भारत में डेकोरेटिव लेमिनेट की गुणवत्ता बहुत अच्छी है और शीट के मोटाई बिना पर्याप्त मात्रा में उत्पादन किया जा रहा है। मुझे लगता है कि दोनों उत्पादों का बाजार खरीदारों और उसके उपयोग के मुताबिक अलग-अलग हैं।

Q. किन क्षेत्रों में आप मानते हैं कि एमडीएफ, प्लाइवुड की जगह ले लेगा?

A. जब कोई उत्पाद रिटेल में उपलब्ध होता है तो इसकी बिक्री शुरू हो जाती है। फिलहाल, एमडीएफ धीरे-धीरे रिटेलर को पकड़ रहा है इस प्रकार आने वाले वर्षों में बाजार में वृद्धि होगी। जो प्लाइवुड के साथ काम करते हैं या फर्नीचर बनाते हैं वे एमडीएफ का उपयोग अपनी उपयुक्तता और अनुप्रयोगों के अनुसार करेंगे। ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां एमडीएफ द्वारा प्लाइवुड रिप्लेस किया गया है, विषेश रूप से टेबल टेनिस, टेनिस इत्यादि जैसे खेलों में। बच्चे के स्लेट, क्लिप फाइलबोर्ड, कलाकृतियों, हस्तशिल्प इत्यादि में एमडीएफ के विभिन्न अनुप्रयोग हैं जहां प्लाइवुड का इस्तेमाल बहुत पहले किया जाता था। अगर स्ट्रेंथ या कोई और फैक्टर महत्वपूर्ण नहीं है तो सस्ते उत्पाद महंगे को रिप्लेस करेंगे। अच्छी गुणवत्ता  वाले प्लाइवुड से एमडीएफ 40 फीसदी सस्ता है।

Q. प्लांटेशन और अन्य कारकों पर विचार करते हुए, आपकी राय में लकड़ी की उपलब्धता कैसी है?

A. मुझे लगता है कि लंबी अवधि में लकड़ी की उपलब्धता बहुत अच्छी नहीं है। मांग और आपूर्ति का परिदृश्य बहुत उज्ज्वल नहीं दिखता है, हालांकि वर्तमान समय में प्लांटेशन टिम्बर की आपूर्ति मांग से अधिक है। उद्योग और लोग योगदान देंगे तथा प्लांटेशन और इसके लाभों को लेकर जागरूक होंगे और यह इस क्रम में सभी को मदद करेगा।

Q. कई प्लाईबोर्ड कंपनियां थीं, जो अच्छी ब्रांड छवि के साथ ग्रोथ कर रही थीं, लेकिन गति को बनाए रखने में कामयाब नहीं रही और गायब हो गयी या संघर्ष कर रही हैं। ऐसा क्यों होता हैं?

A. एक सफल उद्यम के लिए, आपको एक क्रिस्टल क्लियर दृष्टिकोण व् कुशल नेतृत्व के साथ एक अच्छी मार्केटिंग रणनीति और सेल्स टीम की आवश्यकता होती है। एक अच्छे डीलर-डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के साथ, आपको अच्छी ब्रांडिंग की भी आवश्यकता होती है। गुणवत्ता में सुसंगतता एक स्थिर वित्तीय स्थिति के साथ समान रूप से आवश्यक है जो फंड आवंटन प्रबंधन को सक्षम बनाता है। ये सभी एक साथ एक सफल उद्यम बनाते हैं। यहां तक कि एक भी कमजोर सेक्शन उद्यम को गिरा सकता है। बिल्डिंग मेटेरियल डोमेन बनाने में बहुत सारे लोग हैं, जो सफल संचालन की एक निश्चित अवधि के बाद गिर गए क्योंकि उनमें कई एक या दो या कई मोर्चों पर विफल रहे ।

 

श्री भजंका से बातचीत के महत्वपूर्ण अंश

- अगले एक डेढ़ सालों में वुड पैनल व्यापार में कार्य संस्कृति में 75-80 फीसदी पारदर्शिता होगी।

- नए मानदंडों और प्रणालियों के आकार लेने के साथ, प्लाइवुडपैनलों का असंगठित उद्योग संगठित हो जाएगा।

- सीमेंट व् स्टील की मांग में वृद्धि, वुड पैनलों और प्लाइवुड की मांग के बारे में ‘‘आने वाली‘‘ मांग का सकारात्मक संकेत है।

- प्लाई की मांग घटने में बहुत अधिक समय है, प्लाइवुड की मांग बेहतर और आगे बढ़ने जा रही है।

- प्लाइवुड की तुलना में एमडीएफ की वृद्धि दर अधिक होगीक्योंकि यह तुलनात्मक रूप से नई उत्पाद श्रेणी है।

- एमडीएफ लगभग 20 फीसदी तक बढ़ेगा जहां प्लाइवुड वृद्धि 8 से 10 फीसदी होगी।

- हमें इस साल 2000 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है जहां डेकोरेटिव विनियर से 500 करोड़ रुपये की उम्मीद है।

- ‘‘भारत की वर्तमान एमडीएफ क्षमता सिर्फ 1 मिलियन सीबीएम है, जहां चीन में 40 मिलियन सीबीएम एमडीएफ खपत है, फिर भी चीन लगभग 60 मिलियन सीबीएम प्लाइवुड का उपभोग करता है।

- भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश के लिए जहां कारपेंटर नेतृत्व कर रहा हो, बहुत ‘प्लाइवुड रिप्लेस किया जा रहा है‘ कहना जल्दबाजी होगा।

- आगे चल कर टिम्बर की उपलब्धता बहुत आशावादी नहीं है इसलिए उद्योग के लोग वृक्षारोपण और इसके लाभों पर योगदान देंगे और जागरूक होंगे।

 

Q. क्या आप वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान अपनी वृद्धि और कुल कारोबार में प्रत्येक उत्पाद श्रेणी का राजस्व हिस्सा साझा कर सकते हैं?

A. एमडीएफ जो लगभग 120-125 करोड़ रुपये का है क्योंकि हमने वित्तीय वर्ष के दूसरी छमाही में एमडीएफ शुरू किया है, उसके अलावा प्लाइवुड 1400 करोड़ रुपये है। डेकोरेटिव लैमिनेट में, हम लगभग 400 करोड़ तक पहुंचेंगे। शेष संबंधित उत्पाद लगभग 100 करोड़ होंगे। मेरा मानना है कि कुल कारोबार इस साल 2000 करोड़ रुपये पार करेगा। मुझे लगता है कि, अगले वित्तीय वर्ष में हमारे पास एमडीएफ में 25 फीसदी की वृद्धि होगी और लैमिनेट 500 करोड़ रूपए पार कर जाएगा।

Q. सेंचुरी ग्रुप की नई योजनाएं क्या हैं?

A. हम फेस विनियर मैन्यूफैक्चरिंग के लिए गेबॉन में प्रवेश कर रहे हैं क्योंकि यह फेस विनियर और टिम्बर से संबंधित व्यवसाय के लिए कुछ दीर्घकालिक संभावनाएं प्रदान करता है। हम अभी भी लाओस में काम कर रहे हैं और हमारे सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लांट में कामकाज को मजबूत करेंगे। वर्तमान में हम कोलकाता, गुवाहाटी, गांधीधाम, चेन्नई, करनाल, होशियारपुर और रुड़की में मैन्यूफैक्चरिंग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि हम अपने बेहतर मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी के साथ तैयार हैं और अगले कुछ वर्ष विस्तार और बढ़ने का समय होगा।

Q. ‘‘द प्लाई रिपोर्टर‘‘ पत्रिका पर आपका विचार और सुझाव क्या है?

A.  आपने पैनल उद्योग को शिक्षित करने में अच्छा काम किया है और बहुत अधिक उम्मीद है। आप एक इनफार्मेशन प्लेटफार्म बना सकते हैं जहां वार्षिक सदस्यता का भुगतान करके लोग डेटा और जानकारी हासिल कर सकते है। उद्योग के संगठित होने के साथ, व्यापार के लिए तथ्य, डेटा और जानकारी का बहुत अच्छा उपयोग किया जा सकता है।

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