रूझान को देखते हुए, बाजार की रिकवरी एक सुनहरा संकेत - प्रगत द्विवेदी

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सख्त लाॅकडाउन के बावजूद, हमें लगता है कि बाजार का रूझान प्री-कोविड लेबल वाली सेल की तरफ तेजी से सुधर रहा है। अगस्त के चैथे सप्ताह तक, आश्चर्य रूप से बेहतर मांग की वजह से प्लाइवुडउत्पादक 60 से 70 फीसद लेबल तक पहुंच गए। एसीपी, एमडीएफ, लेमिनेट आदि में मांग में सुधार, हेल्थकेयर, उद्योग और वेयरहाउसिंग सेक्टर के ग्रोथ के चलते दिखा है, साथ ही घरों में रिनोवेशन वमूलभूत जरूरतों के चलते भी मांग में सुधार हुआ है। हालांकि आॅफिस स्पेस और रेंटल इंटीरियर ज्यादा प्रभावित हुआ है, लेकिन 6 से 9 महीने का यह अस्थायी घटनाक्रम है।

जुलाई की शुरूआत में, मैं मानता था कि प्लाई, लेमिनेट और एमडीएफ की मांग मुख्य रूप से दिखावटी था, या बाजार में मेटेरियल स्टाॅक करने की होड़ थी। लेकिन हमारा बाजार सर्वे ये इंगित करता है कि बाजार मंे इंवेटरी व स्टाॅक बहुत ज्यादा नहीं है, जो प्री- कोविड अवधि में होता था, जबकि यह मांग बाजार की सही जरूरत के हिसाब से थी। ब्रांडेड सेगमेंट ने अभी तक कोई डिस्काउंट आॅफर नहीं किया है, फिर भी उम्मीद से बेहतर डिमांड उनके पास है। ग्रामीण इलाके, दूसरे दर्जे के शहर और मेट्रो शहरों में घरों में नई जरूरत के हिसाब से इंटिरियर प्रोफेशनल द्वारा काम करवाने, ये सभी फैक्टर हैं, जिससे मेटेरियल की खपत मंे जोरदार वापसी हो रही है। हालांकि मेट्रो और बड़े मेगा शहरों में मांग में सुधारअभी भी प्री-कोविड लेबल का 40 से 50 फीसदी तक ही पहुंचा है।

बाजार खुलने के साथ, वुड पैनल सेक्टर में नई भर्तियां, मार्केटिंग प्रयास, विस्तार की योजनाएं, बीटीएल एक्टिविटी अब दिखने लगी है। फर्नीचर उत्पादक भी अब नए आर्डर बुकिंग को लेकर विश्वस्त हो रहें हैं। सभी केटेगरी में उद्यमी, अब जोरदार कोशिश कर रहें हैं, जिससे उन्हें आर्डर और पेमेंट दोनों मिल रहा है, जो प्लाई, लेमिनेट, एमडीएफ समेत अन्य वुड पैनल प्रोडक्ट्स में बेहतर रिकवरी के संकेत दे रहा है।

हर दूसरे दिन सरकार अब प्रतिबंधों को खत्म कर रही है और लोगांे की आवाजाही सामान्य हो रही है। ट्रांसपोर्ट व ट्रेवल बेहतर हो रहें हैं, जिससे मेट्रो शहर के बाजार में सुधार हो सकता है। बाजार खुलने के साथ, वुड पैनल सेक्टर में नई भर्तियां, मार्केटिंग प्रयास, विस्तार की योजनाएं, बीटीएल एक्टिविटी अब दिखने लगी है। फर्नीचर उत्पादक भी अब नए आर्डर बुकिंग को लेकर विश्वस्त हो रहें हैं। सभी केटेगरी में उद्यमी, अब जोरदार कोशिश कर रहें हैं, जिससे उन्हें आर्डर और पेमेंट दोनों मिल रहा है, जो प्लाई, लेमिनेट, एमडीएफ समेत अन्य वुड पैनल प्रोडक्ट्स में बेहतर रिकवरी के संकेत दे रहा है।

कुल मिलाकर, बाजार अभी सभी प्रोडक्ट कटेगरी में तकरीबन 55 से 60 प्रतिशत पर काम कर रहा है, जो अनुमान प्लाई रिपोर्टर के वेबिनार में एक्सपर्ट और इंडस्ट्री ने लगाया था। ये सत्य है कि अनुमान से बाजार की रिकवरी एक महीना पहले ही दिखने लग गई है। मैं उम्मीद करता हूं कि दिपावली तक 50 फीसदी उत्पादक, प्री कोविड लेबल के 100 फीसदी तक पहुंच जाऐंगे और बाकी 75 से 80 फीसदी तक जरूर पहुंचेंगे।

मुझे लगता है कि नौकरियां जाने, पर्यटन उद्योग के तबाह होने, खराब हाॅस्पिटलिटी सेक्टर और कमर्शियल आॅफिस स्पेस में गिरावट से, घरेलू बाजार को जो नुकसान पहुंचा है, वो हेल्थकेयर, इंडस्ट्री और वर्क फ्राॅम होम के चलते घरों में नए इंटीरियर वर्क में आई तेजी से उस दुष्प्रभाव को कम कर सकता है। मुझे लगता है कि घरेलू वुड पैनल सेक्टर को, वितीय साल 2021 तक वाॅल्यूम व टर्नआॅवर में 20 से 30 फीसदी की कमी आ सकती है।

हाउसिंग सेक्टर की रिकवरी, इंटीरियर व फर्नीचर सेक्टर के ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण है। एक बार भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार शुरू होता है, और घरों के खरीददार, अपनी नौकरी व आय को लेकर सुरक्षित महसूस करना शुरू कर देता है, तब बाजार में तेज उछाल दिखना लाजमी होगा। तकरीबन चीन में बराबर की आबादी होने के बावजूद, भारत में वुड पैनल प्रोडक्ट की खपत चीन के अनुपात में मात्र 10 फीसदी है, यानी भारत इन प्रोडक्ट का बहुत बड़ा ग्राहक हो सकता है। कोविड एक पड़ाव की तरह है, भारत बहुत जल्द ही एक बेहतर मांग की ओर लौटेगा। इसलिए, मैं ये मानता हूं कि एक बार वैक्सिन लांच हो जाए, और बाॅर्डर पर चले रही गतिविधियां सही हो जाए, फिर कुछ महीनों मंे यानी आने वाले दो तिमाहियों में भारत अपनी ग्रोथ के रास्ते पर लौट आएगा। तब तक, अभी तक की बाजार रिकवरी का फायदा, साहसी मार्केटियर्स और महत्वाकांक्षी उद्यमियों को ही मिलेगा।

 

प्रगत द्विवेदी

Mail to “dpragat@gmail.com”, (M) 9310612991

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