सरकार द्वारा सब्सिडी वाले यूरिया के दुरूपयोग पर कड़ी निगरानी

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हरियाणा सरकार के कृषि विभाग द्वारा स्थानीय पुलिस के साथ करेरा खुर्द गाँव के एक उर्वरक गोदाम को यमुनानगर में सील कर दिया गया है और उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि सप्लायर अवैध रूप से प्लाइवुड उद्योग को यूरिया की सप्लाई कर रहा था। पहले भी यमुनानगर में कुछ ऐसे मामले सामने आए थे और एफआईआर भी दर्ज की गई थीं। छापेमारी के बाद गोदाम में स्टॉक की गणना की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने कहा कि अगर स्टॉक में गड़बड़ी पाई गई तो मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को जारी की गई नोटिस के एवज में कार्रवाई की गई थी।

फसल के मौसम की शुरुआत के साथ, ऐसी गतिविधियाँ सरकारी विभाग द्वारा एक नियमित कार्य हैं और उन्होंने सब्सिडी वाले उर्वरक पर अपनी पकड़ मजबूत करनी होती है, ताकि इसे औद्योगिकगतिविधियों में उपयोग में नहीं लाया जा सके । एआईपीएमए के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र चावला ने कहा कि सरकार द्वारा किए इस कार्यवाही से कोई भी प्लाइवुड उद्योग प्रभावित नहीं है। उल्लेखनीय है कि 9 दिसंबर, 2020 को रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार ने सभी राज्य सरकार के कृषि विभाग को एक नोटिस जारी कर सभी सम्बंधित एजेंसियों पर सख्त निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया था। औद्योगिक गैर-कृषि उपयोगों के लिए सब्सिडी वाले उर्वरक की कालाबाजारी, तस्करी और डायवर्जन को रोकना इसका मुख्य उद्देश्य होता है । नोटिस में खुदरा उर्वरकों को भी टैगिंग से बचाने का भी निर्देश दिया गया है।

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