मार्जिन गिरने से कोर विनियर कंपोजर की मांग प्रभावित

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इस वर्ष की शुरुआत में ‘कोर विनियर कम्पोजर‘ लगाने की चर्चा जोरांे पर थी और इसका असर मार्च महीने में बैगलोर में आयोजित एक प्रदर्शनी के दौरान देखा गया था, जहाँ एक दर्जन चाइनीज कोर कंपोजर मशीनरी
निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं ने अपने उत्पाद और सेवाओं का प्रदर्शन किया था। अप्रैल महीने के दौरान, प्लाइवुड उद्योग ने इन मशीनों के बारे में खूब बात की, और 100 से अधिक इंक्वरी का सिलसिला कोर कम्पोजर बाजार में जारी था। मशीनरी आपूर्तिकर्ताओं ने 50 से अधिक मशीनों के कनफर्म्ड आर्डर हासिल करने की बात कह रहे थे और कई को जल्द से जल्द सप्लाई करने के लिए कहा जा रहा था।

लेकिन कोर विनियर कम्पोजर की क्वायरी और इंस्टॉलेशन की गति वर्ष की दूसरी छमाही के बाद रूक गई, क्योंकि प्लाइवुड उद्योग भुगतान और आर्डर में देरी के दबाव में था। विभिन्न कच्चे मालों के बढ़ती कीमतों और बाजार में तैयार माल की आपूर्ति भी उद्योग पर बोझ बन गया, जिससे लाभ का मार्जिन कम हो गया और उत्पादक वर्तमान समय में अपने आप को मुश्किल में घिरा मह्सूस करने लगा। नतीजतन अधिकांश पुराने आर्डर अस्थाई तौर पर रोक देने की सुचना है और निर्माता अपने निर्माण के लिए इन मशीनों के इंस्टालेशन का लाभ नहीं मिलने के भ्रम के कारण देरी कर रहे हैं। बड़ी मुश्किल से लगभग आधा दर्जन ’कोर विनियर कम्पोजर कुशलता से चलने की सूचना है जो इस वर्ष स्थापित किया गया था।

यह ज्ञातव्य है कि अच्छी गुणवत्ता के कैलिब्रेटेड प्लाइवुड की बढ़ती मांग निर्माताओं को कोर विनियर कंपोजर लगाने के लिए आकर्षित किया है, और प्लाइवुड निर्माता भविष्य में कोर विनियर कंपोजर मशीनों का फायदा देख रहे हैं। लेकिन उद्योग यह भी इंगित करता है कि प्लाइवुड उत्पादकों को भारत में जो पर्याप्त गुणवत्ता वाले टिम्बर और ऑपरेटरों की अनुपलब्धता के कारण कोर विनियर कम्पोजर मशीनों के सुचारू संचालन में तकनीकी खराबी का भी सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, भारत में इन मशीनों के आपूर्तिकर्ताओं को इसके सुचारू रूप से चलने पर भरोसा है और वे कहते है कि उन्होंने उन मशीनों को खरीदा है जो भारत की स्थिति के लिए उपयुक्त हैं।

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