आग की दुर्घटना के बाद अशोका फोम में कार्य सुचारू रूप से शुरू

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बरेली स्थित अशोका फोम मल्टी प्लास्ट लिमिटेड के परिसर में हाल ही में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की तेज लपटों के कारण इलाके में अफरातफरी मच गई। घटना इतनी भयावह थी कि कंपनी की स्प्रिंग मैट्रेस की निर्माण इकाई, तैयार एल्यूमीनियम कम्पोजिट पैनल्स (एसीपी) और कई तैयार उत्पाद पूरी तरह से आग में नष्ट हो गए। तत्काल समय पर पहुंचे बचाव दल, स्थानीय लोगों, फायर फाइटर्स और रेसक्यू टीम की मदद से जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया और आग की घटना के कारण होने वाले ज्यादा नुकसान को कम करने में मदद मिली क्योंकि आग को प्रोडक्शन यूनिट तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया, जिससे ज्यादा नुकसान होने से बच गया।

आग की इस घटना में कंपनी के विभिन्न आपरेशंस के लिये संचालित होने वाली मॉड्यूलर फर्नीचर और अन्य यूनिट सुरक्षित बच गयी। आग से होने वाले नुकसान के पूरा आकलन करने और सभी तरह के सुरक्षा उपायों के जांच के बाद कंपनी द्वारा फैक्ट्री में प्रोडक्शन और सप्लाई का काम 7 अक्टूबर से शुरू कर दिया गया है।

अशोका फोम मल्टी प्लास्ट लिमिटेड के निदेशक श्री उदित गोयल ने कहा कि फैक्ट्री में आग की घटना को लेकर बाजार में कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है। हालांकि उन्होंने फैक्ट्री में आग लगने की घटना को स्वीकार किया और यह भी स्पष्ट किया कि आग का वीडियो सामने आने के बाद से घटना की भयावहता और पैनिक सिचुएशन कम हुई है लेकिन फिर भी बाजार में इसको लेकर भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बरेली की अशोका फोम मल्टी प्लास्ट में 30 सितंबर को आग लगी थी। इस घटना में कंपनी का एसीपी (एल्यूमिनियम कंपोजिट पैनल), रॉ मेटेरियल्स, फिनिश्ड गुड्स और पूरे प्लांट का स्प्रिंग मैट्रेट्स व अन्य सामान जल गया था, लेकिन स्थानीय लोगों समेत फायर ब्रिगेड की टीम, कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों आदि की मदद से आग पर काबू पा लिया गया और आग को प्रोडक्शन यूनिट तक फैलने से रोका गया।

उन्होंने कहा कि कंपनी की एसीपी यूनिट और प्लास्टिक मॉड्यूल फर्नीचर यूनिट सुरक्षित हैं और घटना के कुछ दिनों तक बंद रहने के बाद इनका संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है और यह पहले की तरह काम करने लगे हैं। घटना में एसीपी के लिये जो कच्चा माल क्षतिग्रस्त हो गया था, उसे दोबारा वापस मंगा लिया गया है, जिसमें से अधिकतर माल फैक्ट्री भी भेजा जा चुका है। 7 अक्टूबर 2019 से फैक्ट्री का संचालन पूरी तरह शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के प्लासिट्क मॉड्यूल फर्नीचर की दूसरी यूनिट आग की इस घटना से अप्रभावित रही और इसे किसी तरह की क्षति नहीं पहुंची। इस यूनिट का स्टॉक भी सुरक्षित है और 7 अक्टूबर से यहां से डिस्पैच और डिलिवरी भी शुरू की जा चुकी है।

कंपनी के निदेशक श्री उदित गोयल ने कहा कि आग की इस घटना से स्प्रिंग मैट्रस यूनिट्स और संबंधित माल का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, लेकिन कंपनी ने अपनी अन्य दो अनुषंगी इकाइयों के जरिये इनका प्रोडक्शन शुरू कर दिया है और बाजार में इसके फिनिश्ड प्रोडक्ट्स की सप्लाई भी शुरू की जा चुकी है। कंपनी ने अपने ग्राहकों और उपयोगकर्ताओं से यह भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह निर्णय लेने से पहले कंपनी के अधिकृत स्रोतों से इस संबंध में क्रॉस चेक कर विश्वसनीय जानकारी हासिल कर लें।

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