पीवीसी रेजिन की कीमत में तेजी बरकरार, फिर बढ़ेंगे पीवीसी बोर्ड व एज बैंड के रेट

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पीवीसी रेजिन की कीमतों में अक्टूबर महीने में भी एक और बड़ा उछाल आया है, जिसका अनुमान पीवीसी बोर्ड और पीवीसी एज बैंड टेप उत्पादकों द्वारा नहीं किया जा रहा था। दूसरी बार कीमतों में उछाल से उत्पादकों के लिए कठिन स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि वे एक महीने के भीतर बाजार में दूसरी बार रेट बढ़ाने में मुश्किल का सामना कर रहे हैं।

पीवीसी बोर्ड और पीवीसी एज बैंड टेप उत्पादकोंका कहना हैं कि सितंबर में पीवीसी रेजिन की कीमतों में 10-12 प्रतिशत की वृद्धि हुई। गौरतलब है कि डब्ल्यूपीसी और टेप के लिए कच्चे माल की कीमतें अगस्त 2020 से ही बढ़ रही थीं, लेकिन निर्माता और उद्योग कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी की दूसरी लहर का अनुमान नहीं लगाये थे। मूल्य वृद्धि में निरंतरता उत्पादकों के लिए बड़ा परेशानी भरा हैक्योंकि उनकी लागत काफी बढ़ गई है। उत्पादकों का कहना है कि दूसरी बढ़ोतरी उनके सभी गणित और मार्जिन को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है, और अगर वे कीमतों में तुरंत वृद्धि नहीं करेंगे, तो उन्हें भारी नुकसान हो सकता है।

गौरतलब है कि सितंबर में, पीवीसी एज बैंड टेप की कीमतों में इसकी प्रमुख कच्चे माल - जिसे पीवीसी रेजिन के रूप में जाना जाता है, की कीमत में वृद्धि के कारण 10 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान था, लेकिन टेप की कीमतें अलग-अलग ब्रांड में मोटाई और गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग स्लैब में 10 से 12 फीसदी तक बढ़ाई गई थीं।

यही प्रभाव पीवीसी बोर्ड (जिसे डब्ल्यूपीसी बोर्ड भी कहा जाता है) सेगमेंट में भी देखा जा रहा था। मासिक आधार पर प्लाइ रिपोर्टर द्वारा तैयार किया गया प्राइस कम्प्रेटिव चार्ट पीवीसी रेजिन की कीमतों में स्पष्ट रूप से क्रमिक वृद्धि का संकेत दे रहा था। उद्योग जगत के लोगों का कहना है कि 31 अगस्त तक पीवीसी एज बैंड टेप और डब्ल्यूपीसी/पीवीसी बोर्ड की इनपुट कॉस्ट 30 फीसदी तक बढ़ गई थी।

मई की दूसरी छमाही के बाद पीवीसी रेजिन की कीमतों में तेजी का क्रमिक वृद्धि यह खबर लिखने तक जारी रहा। निर्णायक रूप से प्रति किलो लगभग 25 रुपये प्रति किलोग्राम आंका गया, जिसके कारण इस उत्पाद केटेगरी में मूल्य वृद्धि की घोषणा हुई थी।

रिलायंस भारत में पीवीसी रेजिन का एक प्रमुख उत्पादक है, इसके अलावा यह उद्योग ताइवान, जापान और अफ्रीका से भी आयात करता है। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया भर में पीवीसी रेजिन का उत्पादन गड़बड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप रिलायंस को विदेशी बाजार से भी बहुत अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में व्यवधान पीवीसी रेजिन की कीमत में वृद्धि का मुख्य कारण बताया जाता रहा है।

घरेलू पीवीसी एज बैंड टेप ग्रुप और डब्ल्यूपीसी/पीवीसी बोर्ड निर्माता समूहों के अनुसार, वे अक्टूबर के अंत में अपने उत्पादों की कीमतों में 5 फीसदी की वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं। निर्माताओं को यह भी डर है कि मैन्युफैक्चरिंग में गड़बड़ी के कारण पीवीसी रेजिन की कीमत में और वृद्धि होगी।

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