्रीनप्लाई के जीरो इमिशन प्लाइवुड को कारपेंटर समुदाय ने सराहा

person access_time   5 Min Read

ग्रीनप्लाई ने प्लाई रिपोर्टर और राजस्थान उदघोष के सहयोग से ठेकेदारों, कारपेंटर और लकड़ी के काम करने वाले कर्मियों तथा व्यापार में भागीदार भाइयों के स्वास्थ्य और उनके भलाई पर चर्चा करने के लिए एक विशेष वेबिनार का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान श्री राजेश मित्तल, सीएमडी, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेड; श्री नरसी डी कुलारिया, एमडी, नरसी ग्रुप; श्री जगदीश कुलारिया, निदेशक, नरसी इंट्रियर्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड; श्री मनोहर लाल सुथार (सेहुआ एंटरप्राइजेज), ट्रेजरर, श्री विश्वकर्मा वंश सुथार चौरिटेबल ट्रस्ट; विशाल वुड वर्क्स के श्री जसवंत मिस्त्री; ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डीजीएम श्री पार्थ नाथ और एमबीबीएस डॉक्टर डॉ मुद्रिका गुप्ता उपस्थित थे। पेश है चर्चा का मुख्य अंश..

श्री राजेश मित्तल, सीएमडी, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीजः यह हमारे आसपास मौजूद विभिन्न खतरों से स्वास्थ्य के प्रतिसचेत होने और अपने आपको बचाने की एक पहल है। ग्रीनप्लाई के साथ हम लोग कोविड और इसके चलते होने वाली परेशानियों तथा स्वस्थ्य सम्बंधी तकलीफों के खिलाफ इस लड़ाई में आपके  साथ खड़े हैं। हमारे व्यवसाय में स्वास्थ्य की सुरक्षा न केवल उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो घरों में रह रहे हैं बल्कि उन लोगों के लिए भी जो इंटीरियर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए इन उत्पादों के साथ काम कर रहे हैं। आप लोग विभिन्न मेटेरियल और प्लाइवुड के साथ भी काम करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि बहुतकम लोग जानते हैं कि इन उत्पादों के संपर्क में आने से स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। इसलिए, न केवल ग्राहकों के लिए बल्कि आपके लिए भी, जो इसके साथ काम कर रहे हैं, एक सही उत्पाद चुनना बहुत महत्वपूर्ण है।

हम इस दिशा में आपको सबसे अच्छा उत्पाद देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं जिसकी न केवल गुणवत्ता अच्छी है बल्कि स्वास्थ्य के लिए परिभाषित मानकों को भी पूरा करता है। यही कारण है कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां अच्छी हवा की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए जागरूक हैं, और इंटीरियर में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों में सुधार के लिए सक्रिय हैं और इसके लिए वे मानक तय कर रहे हैं। यह उपयोग किए जाने वाले प्रत्येक उत्पाद से हानिकारक गैस के उत्सर्जन की जांच करता है और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इन सुरक्षा मानदंडों को ध्यान में रखते हुए हमें यह घोषणा करते हुए काफी खुशी हो रही है कि ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज ने यूरोपीय और अमेरिकी एजेंसियों द्वारा स्वीकृत उच्चतम उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिए जीरो फॉर्मल्डिहाइड इमिशन प्लाइवुड और ब्लॉक बोर्ड की एक सीरीज शुरू की है।

श्री नरसी डी कुलारिया, एमडी, नरसी ग्रुप मैं कहना चाहूंगा कि भारत में वुड पैनल इंडस्ट्री में कई प्लेयर्स हैं लेकिन ग्रीनप्लाई उनसे अलग है। यदि देखा जाए तो पिछले 6-7 सालों से स्वास्थ्य के प्रति लोग काफी सचेत हैं और इस पर काफी ध्यान दिए जाने के साथ साथ ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रोजेक्ट्स में उपयोग की जाने वाली सभी मेटेरियल जीरो इमिशन वाली होनी चाहिए। मैं कहना चाहूंगा कि सुथार भाई, दांडी भाई, बढ़ई, ठेकेदार जैसे सभी संबंधित पेशेवरों को जीरो इमिशन प्लाइवुड का उपयोग करना चाहिए। मुझे याद है 1980 के दशक में जब हम एक केबिन के अंदर प्लाइवुड को काटते थे, तो प्लाइवुड में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक रसायनों के चलते आंखों से पानी निकलने के कारण हम ठीक से देख नहीं पाते थे। आज जब हम ग्रीनप्लाई जीरो इमिशन प्लाइवुड ई0 का उपयोग करते हैं, तो ऐसी कोई समस्या नहीं है और बढ़ई इसके साथ काम करके बहुत खुश हैं। इसलिए, आप जो भी मेटेरियल का उपयोग करते हैं, चाहे वह प्लाइवुड, एमडीएफ, लेमिनेट या कुछ भी हो, आपके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जीरो इमिशन का होना चाहिए। मैं इस उत्पाद के लिए ग्रीनप्लाई को बधाई देना चाहता हूं, और आपको बताना चाहता हूं कि सरकार ने सेंट्रल विस्टा - भारत की नई संसद में इंटीरियर के काम के लिए ग्रीनप्लाई जीरो इ मिशन ई0 प्लाइवुड को मंजूरी दे दी है। हमें इस पर गर्व है। जीरो इमिशन उत्पादों के साथ लकड़ी के काम करने वाले लोगोंके लिए बहुत सारे हेल्थ बेनिफिट हैं, क्योंकि उत्सर्जन का प्रभाव जल्द नहीं होता, पर यह लंबे समय में प्रभावित जरूर करता है। जब हम जीरो इमिशन वाले उत्पादों का उपयोग करते हैं तो हम सहज महसूस करते हैं। पहले बड़ी संख्या में बढ़ई बीमार पड़ रहे थे, लेकिन जब से हम जीरो इमिशन उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं तो अब उनकी बीमार पड़ने की दर और आवृत्ति भी बहुत कम हुई है।

श्री जगदीश कुलारिया, निदेशक, नरसी इंट्रियर्स इंफ्रास्ट्रक्चर
प्राइवेट लिमिटेडः

जीरो इमिशन प्लाइवुड पहले उपलब्ध नहीं था, क्योंकि आम लोगों के लिए इस तरह के उत्पाद को विकसित करने के लिए बहुत सारे शोध और अनुसंधान एवं विकास की आवश्यकता होती है। आज स्थिति अलग है और सभी के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा पहली  प्राथमिकता बन गई है चाहे वह ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी हो या कारखाने या साइटों पर काम करने वाले कामगार। यदि आप अच्छी गुणवत्तापूर्ण एडेसिव का उपयोग करते हैं और प्लाइवुड जीरो इमिशन नहीं है तो आप समझौता कर किसी तरह काम कर रहे हैं और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बस समझौता कर रहे हैं। कामगारों के पास प्रोडक्ट सेलेक्ट करने का कोई विकल् होता है, वे अपने ग्राहकों के लिए केवल एक सलाहकार की भूमिका निभाते हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि अगले पांच वर्षों में हम जीरो इमिशन उत्पाद के उपयोग के लिए मानदंड निर्धारित होंगे और हर कोई इसका उपयोग करना चाहेगा। यूरोप और अन्य विकसित देशों में इसके उपयोग और अनुप्रयोगों के लिए एक मानक बन गया है, पांच साल बाद भारत भी इसे अपना चुका होगा। कारीगरों और लकड़ी के काम करने वाले लोगों को स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जागरूक होना होगा और उन उत्पादों के साथ ही काम करना होगा, जो स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं। केवल ग्राहकों की न सुनें यदि वे सस्ते मेटेरियल मांगते हैं, तो उन्हें ऐसे उत्पाद का सुझाव दे जो सुरक्षित हैं और गुणवत्ता के साथ लम्बे समय तक चलें।

श्री राजेश मित्तल, सीएमडी, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेडः उत्पाद बिल्कुल भी महंगा नहीं है, इसकी कीमत पहले की तरह सामान्य है। मैं कारीगरों और लकड़ी के काम करने वाले लोगों से कहना चाहूंगा कि ऐसे उत्पादों की तलाश करें जो किसी भी ब्रांड या कंपनी के हों पर आपके स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों, क्योंकि आपका स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। यह आपके ग्राहकों के लिए स्वास्थ्य और उत्पादों की लंबी उम्र को लेकर भी फायदेमंद होगा।

श्री मनोहर लाल सुथार (सेहुआ इंटरप्राइजेज),

नए और इनोवेटिव उत्पाद पेश करना, हमारे लिए ग्रीनप्लाई का योगदान सराहनीय है। उनके उत्पाद अच्छे हैं और नए लॉन्च किए गए उत्पाद ई0 में बढ़ई के साथ-साथ प्लाईवुड से बने इंटीरियर के बीच रहने वाले लोगों के लिए भी स्वास्थ्य की सुरक्षा में सहायक है। जब हम प्लाइवुड के गोदामों में जाते हैं, तो हमें काफी तेज गंध महसूस होती है, इससे त्वचा और आंखों में जलन भी होती है। प्लाइवुड से ऐसी गंध और उत्सर्जन के साथ प्लाइवुड काटना भी मुश्किल होता है। यह एक ऐसी समस्या है जिसका सामना बढ़ई और ठेकेदार बहुत पहले से कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उद्योग भी लेवर और यूजर के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसका पालन करेगा।

श्री पार्थ नाथ, उप महाप्रबंधक, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेडः हम सिर्फ कहते ही नहीं बल्कि साबित भी करते हैं। हम स्वस्थ्य की सुरक्षा के लिए मानकों की तलाश कर रहे थे, और हमने इसे ब्।त्ठै (द कैलिफोर्निया एयर रिसोर्सेज बोर्ड) के साथ पाया - कैलिफोर्निया सरकार में ‘‘क्लीन एयर एजेंसी‘‘ जिसके पास ई0 उत्सर्जन मानक है। ग्रीनप्लाई अपने मानकों के मुताबिक उत्पाद बना रही है और उसकी टेस्टिंग की जा रही है। इस विश्वसनीयता के लिए हमारे पास सभी टेस्टीमोनियल और दस्तावेज हैं जो साबित करते हैं कि हमारे बनाए गए उत्पाद ई0 मानक के हैं।

ग्रीनप्लाई पहली कंपनी है जो भारत में ई0 प्लाईवुड बना रही है, ब्रांड ने यह पहल काफी मेहनत और अनुसंधान एवं विकास के साथ की है, इसलिए ग्राहकों के फायदे के लिए इसके बारे में जागरूकता पैदा करना आवश्यक है।

मानक के अनुसार ई0 उत्पाद में फॉर्मल्डिहाइड उत्सर्जन 3उहध्100 ग्राम प्लाइवुड के सैंपल से कम होना चाहिए, लेकिन हम इसे बहुत निचले स्तर पर ले आए, जबकि अन्य मानकों जैसे ई1 (8उह) और ई2 (30उह) के उत्पाद में फॉर्मल्डिहाइड उत्सर्जन बहुत अधिक है। ज्यादा फॉर्मल्डिहाइड का उत्सर्जन स्वास्थ्य की समस्या का कारण बनता है और इसके कारण आंख, त्वचा, नाक और फेफड़े बुरी तरह प्रभावित होते हैं और यदि व्यक्ति लंबे समय तक ज्यादा फॉर्मल्डिहाइड उत्सर्जन के साथ रहता है तो वह कैंसर से भी ग्रसित हो सकते हैं। यह मार्केटिंग है या जागरूकता का कार्यक्रम!

श्री जगदीश कुलारियाः जब यह आपकी मदद कर रहा है तो यह मार्केटिंग कैसे हो सकता है? लेकिन यह मार्केटिंग इसलिए भी है क्योंकि आपने बहुत अच्छा उत्पाद बनाया है। ग्रीनप्लाई पहली कंपनी है जो भारत में ई0 प्लाईवुड बना रही है, इसलिए इसकी मार्केटिंग कर जागरूकता पैदा करना जरूरी है। ब्रांड ने यह पहल काफी मेहनत और अनुसंधान एवं विकास के साथ की है, इसलिए ग्राहकों के फायदे के लिए इसके बारे में जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। बाजार में उपलब्ध अन्य उत्पादों पर इसके ‘स्वास्थ्य लाभ पर तुलनात्मक अध्ययन यह साबित करता है कि इसमें जीरो फॉर्मल्डिहाइड इमिशन है।

श्री राजेश मित्तल: आज स्वास्थ्य सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यह भारत के लिए नया है लेकिन यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिकाmमें किसी भी पैनल प्रोडक्ट से बने फर्नीचर चाहे वह प्लाइवुड हो, पार्टिकल बोर्ड हो या एमडीएफ, ई0 होना चाहिए, दूसरा कोई विकल्प नहीं है। आज लोग घरों के अंदर रहने में अधिक समय व्यतीत करते हैं और बाहर का वातावरण भी बहुत प्रदूषित और संक्रामक है, इसलिए हम पैनल उत्पादों से खतरनाक उत्सर्जन के साथ घर के अंदर प्रदूषित वायु में क्यों रहें यदि हमारे पास फॉर्मल्डिहाइड के जीरो एमिशन कोmसुनिश्चित करने वाले ई0 मानकों के साथ समाधान उपलब्ध है। श्री जसवंत मिस्त्रीः विकसित देशों में ई0 पहले से ही अनिवार्य मानक बन चुका है। यह भारत में भी अनिवार्य होगा। पहले प्लाइवुड का काम करते समय आंखों में जलन होती थी लेकिन ई0 के साथ हमें ऐसा नहीं लगता। अन्य उत्पादों जैसे पेंट, कोटिंग आदि में जीरो

इमिशन उत्पाद पहले ही पेश किए जा चुके हैं। बढ़ई के लिए प्रमुख घटक प्लाइवुड है जिसमें ई0 उपलब्ध नहीं था। इसलिए, मैं ग्रीनप्लाई और उनकी टीम को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इस उत्पाद को बाजार में पेश किया है, क्योंकि यह सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक था। यह न केवल बढ़ई बल्कि यूजर के लिए भी फायदेमंद है जो ई0 प्लाइवुड से बने इंटीरियर और फर्नीचर के साथ रह रहे हैं।


 

You may also like to read

shareShare article