परेशान करती कीमतें बढ़ने का दौर जारी

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वुड पैनल और डेकोरेटिव ट्रेड के हर एक प्रोडक्ट केटेगरी में कीमतें बढ़ाने की घोषणाओं से बाजार घबराया हुआ हैं। विभिन्न कंपनियों, उद्योग, क्लस्टर के संघों और ब्रांडों द्वारा बार-बार कीमतें बढ़ाने के लिए सर्कुलर जारी करने और घोषणायें करने पर ट्रेड की प्रतिक्रिया भी आ रही है। कीमतों पर अनिश्चितता के कारण डीलरों में काफी अफरा तफरी है, क्योंकि उनके फॉरवर्ड चेन उनका साथ नहीं दे रहे है, इसलिए खपत घट रही है। इसका कोई स्पष्ट डेटा नहीं है, लेकिन कुछ मामलें है जिनमें डीलरों ने ग्राहकों से ऑर्डर हासिल किये, और मेटेरियल की सप्लाई के लिए निवेश किया, लेकिन उन पर पेमेंट देने और कीमतें बढ़ाने का प्रभाव पड़ना लाजमी है।

भारतीय मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को इसका कोई संभावित रास्ता नहीं दिख रहा है। परेशानी का प्रमुख करण आयात पर निर्भरता भी है। अब तक, प्लाईवुड की कीमतें अगस्त के पहले सप्ताह में 7-10 फीसदी बढ़ने के साथ इसे लागू भी किया जा चुका है, इसके बाद शटरिंग प्लाइवुड में लगभग 1.50 रुपये बढ़ाई गई। अन्य उत्पादों में, उदाहरण के लिए डेकोरेटिव लेमिनेट और पार्टिकल बोर्ड सेगमेंट ने भी अलग-अलग थिकनेस में प्रति शीट 20 रू से 45 रु तक कीमत बढ़ाई गई है।

 

पीवीसी बोर्ड, पीवीसी लेमिनेट शीट, एज बैंड टेप, एक्सटीरियर पैनल, एल्युमीनियम कंपोजिट पैनल के कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणाएं भी कुछ दिनों या एक हफ्ते पहले ही की गई। हमारे सर्वे और ठेकेदारों के अनुमान से पता चलता है कि बाजार में लकड़ी के काम के 350-400 प्रति वर्ग फुट के मानक रेट पर 150 से 250 रुपये प्रति वर्ग फुट की वृद्धि हुई है। ग्राहकों के लिए लकड़ी का इंटीरियर के काम कराने का खर्च 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ गई है, इसलिए मध्यम वर्ग के लोग रेडीमेड खरीदारी पर जोर दे रहे है। खुदरा दुकानों पर बिक्री की अनियमितता और कीमतें बढ़ने के दबाव से उद्योग का ग्रोथ प्रभावित हो रहा है।

बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की जिम्मेदारी उद्योग के संघों पर है, जिनसे उम्मीद की जाती है कि वे इसके कारणों का पता लगाएं और इसे रोकने के लिए उपयुक्त समाधान ढूंढकर सही कदम उठायंे। वुड पैनल इंडस्ट्री के एसोसिएशन इतने बटें हुए और छोटे हैं कि उनके प्रेजेंटेशन और अपील सही परिणाम नहीं दे पाते। अक्सर, व्यापार के अग्रणी लोग सवाल करते हैं कि ‘एसोसिएशन केवल कीमतें बढ़ाने के लिए लिए पत्र क्यों जारी करता है?‘ वे मेटेरियल के अंडर थिकनेस होने, माल तैयार करने के घटिया प्रक्रिया, नकली उत्पाद, या उद्योग को ऑर्गनाइज करने और अधिक सम्मानजनक बनाने के लिए बड़े प्रयास करने के लिए कदम क्यों नहीं उठाते हैं?

 

यदि वुड पैनल सेक्टर की तुलना अन्य बिल्डिंग मेटेरियल सेक्टर से की जाए, तो इन्हें ऑर्गनाइज होने की बड़ी जरूरत है, तब ही उद्योग समूहों द्वारा मेटेरियल के रेट बढ़ाने और कार्टेलाइजेशन पर कुछ प्रभावी जांच और उपाय किए जा सकते हैं। निश्चित रूप से, उद्योग को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर और इसे एक औपचारिक बिजनेस सेक्टर बनकर हमें बहुत कुछ करना होगा। सामान्य तौर पर, हम कार, फ्रिज, एयर कंडीशनर, यहां तक कि मोबाइल फोन जैसे अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर सवाल नहीं उठाते हैं, लेकिन जब वुड पैनल की बात आती है तो हमारे डीलर बहुत विरोध करते हैं। आप आत्मनिरीक्षण करें और आगे का रास्ता खोजें। तब तक एक दूसरे का सहयोग करें, पैनी नजर रखते हुए सावधानी से आगे बढ़ें। अपडेट रहें, सक्रिय रहें और प्लाई रिपोर्टर पढ़ते रहें!

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