थोड़ी सुस्ती के बाद मांग बेहतर होनी तय - प्रगत द्विवेदी

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नवंबर का महीना नीरसता भरा था। दीपावली के समय, बाजार ने सेल्स धीमी रही, और त्योहार खत्म होने के बाद, बाजार में शायद ही खरीदार थे। पूरा दक्षिण भारत बारिश और बाढ़ की चपेट में था, जबकि उत्तर भारत कोविड के बाद पहली बार जश्न मनाने में व्यस्त था। परिणामस्वरुप पैनल उत्पादों की मांग काफी कम थी, वास्तव में पिछला महीना एमडीएफ बोर्ड को छोड़कर सभी केटेगरी के लिए बहुत खराब था। एमडीएफ में ऑर्डर पेंडेंसी काफी हद तक भारत में प्लांट से आपूर्ति की कमी के चलते पैदा हुई और कुछ मशीनरी अपग्रेड के चलते हुई हैं।

अन्य उत्पादों जैसे प्लाइवुड, लेमिनेट, डोर्स, पीवीसी माइका, पीवीसी बोर्ड, वुड विनियर आदि के लिए मांग बहुत कमजोर थी। नवंबर के तीसरे सप्ताह में हताशा बढ़ने लगी और लेमिनेट की कीमतों में सुधार देखा गया। दूसरी तरफ पैनल प्रोडक्ट की मांग दिसंबर में फिर से 80 फीसदी वॉल्यूम पर वापस आ गई है। जनवरी का महीना ‘ओमीक्रोन‘ के डर से घरों के रिनोवेशन और सुधारात्मक काम पर अधिक खर्च के कारण भी अच्छा रहेगा।

नए वायरस के डर से व्यापार के सेंटीमेंट पर अभी कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिख रहा है, हालांकि हम जनवरी के बाद कुछ नहीं कह सकते। अगले दो महीनों में पार्टिकल बोर्ड सेक्टर, प्लाइवुड और लेमिनेट की मांग में निश्चित रूप से तेजी से सुधार होगा। अधिकांश उद्योग सकारात्मकता की ओर बढ रहे है और अपने प्लांट का विस्तार या रिनोवेशन कर रहे हैं। विशेष रूप से एमडीएफ केटेगरी में मूड काफी आशावादी है।

कई नए प्लेयर चाहे वे उद्योग से हों या उद्योग के बाहर से किसी भी क्षमता का प्लांट लगाने के लिए काफी उत्सुक हैं। पहले भी लगभग हर प्रोडक्ट केटेगरी में वही उत्साह देखा गया था जो अभी एमडीएफ में देखा जा रहा है। अंतर सिर्फ यह है कि, एमडीएफ में बड़े प्लांट और बड़े निवेश के लिए ही जगह है।

प्लाइवुड, लेमिनेट, एमडीएफ, पार्टिकल बोर्ड या एसीपी हर केटेगरी में क्षमता वृद्धि हो रही है। सभी केटेगरी के अलग-अलग फायदे और लिमिटेशन हैं। भविष्य को देखते हुए, सबसे सुरक्षित दांव न केवल प्लांट जोड़ने पर ही नहीं बल्कि गुणवत्ता, प्रक्रिया और ब्रांड की अवधारणा पर भी ध्यान देना होगा। एक प्लाइवुड कंपनी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सकती है, यदि उनके पास उपरोक्त सभी तीन खूबियां हैं, लेकिन एक एमडीएफ निर्माता भी सफल नहीं हो सकता यदि वह तीनों में से किसी को भी दरकिनार करता हो।

2021-2030 के दशक में भारत की अधिकतम ग्रोथ स्टोरी के साथ चलने के लिए, प्लेयर्स को सही उत्पाद और सही प्रक्रिया पर भरोसा करना होगा। यहां तक कि एक वितरक को भी, यदि वह बाजार की क्षमता के साथ आगे बढ़ना चाहता है तो इस पर ध्यान देना होगा। प्लाई रिपोर्टर अपने प्रिंट और वेब प्लेटफॉर्म पर इतनी अच्छी और शोधपरक मेटेरियल प्रकाशित कर रहा है कि एक छोटी फर्म भी सही और समय पर जानकारी हासिल कर कई गुना बढ़ने में सक्षम हो सकती है। लकड़ी की कीमतें बढ़नी तय है क्योंकि मांग बढ़ रही है और आपूर्ति कम है। इसलिए आने वाले समय में पैनल उत्पादों की कीमतें अपर सर्किट में होंगी। रेडीमेड फर्नीचर केटेगरी में ग्रोथ बहुत तेज है, इसलिए पैनल उत्पादकों और गुणवत्तापूर्ण डेकोरेटिव सरफेस प्रोडक्ट के लिए काफी अच्छा मौका है। पिछले कुछ समय से कमजोर विनियर सेगमेंट को अब फिर से ऊपर उठने की उम्मीद है। कुल मिलाकर नवंबर एक कमजोर महीना होने के बावजूद, अगले दो महीने कंपनियों की मांग और बिक्री में सुधार होंगे, क्योंकि इंटीरियर का काम फिर से गति पकड़ने लगा है। आशान्वित रहें और सक्रियता से आगे बढ़ें !

प्रगत द्विवेदी

Mail to “dpragat@gmail.com, (M) 99310612991

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