ग्रीनपैनल के ग्रोथ के साथ, उनके डीलर्स का भी ग्रोथ होता है, इसलिए ग्रीनपैनल के साथ जुड़े रहिए - श्री शेखर चंद्र सती, प्रेसिडेंट - ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज लिमिटेड

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ग्रीनपैनल का उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश में भारत के सबसे बड़े व अत्याधुनिक वुड पैनल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है, जो एमडीएफ, प्लाइवुड, ब्लॉक बोर्ड, विनियर, फ्लोरिंग और डोर का उत्पादन करती हैं। उनके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की कुल वार्षिक क्षमता 5 लाख 88 हजार सीबीएम एमडीएफ से ज्यादा है, साथ ही उनके 3000 से अधिक रिटेलर्स देश भर में फैली 24 शाखाओं के मजबूत वितरण नेटवर्क के साथ काम कर रहे है। प्रस्तुत है प्लाई रिपोर्टर के प्रधान संपादक श्री प्रगत द्विवेदी के साथ श्री शेखर चंद्र सती के बातचीत के संक्षिप्त अंश।

प्र. पिछले साल से ही वितरकों की बढ़ती दिलचस्पी के चलते एमडीएफ के सभी सेगमेंट में काफी तेजी है, इसके क्या कारण है?

ग्रोथ के साथ-साथ बहुत सारे बदलाव हुए हैं। देखा जाए तो कोविड की पहली लहर के बाद बाजार धीमा था, लेकिन आयात नहीं हो रहा था; घरेलू कंपनियों के लिए यह बड़ा फायदेमंद रहा। जैसे-जैसे मांग बढ़ रही थी, हालांकि एक दूसरी लहर भी आई, इसी बीच कई और कंपनियों ने उत्पादन शुरू किया, तब भी बहुत सारे प्लेयर्स उभरे और मेटेरियल की लगभग समान क्षमता का उत्पादन शुरू किये। तो, कमोबेश इम्पोर्ट नहीं होने से पैदा हुई खाई अच्छी तरह से पाट दी गई, इसलिए मांग तो है, पर प्रतिस्पर्ध् ाा भी काफी है।

प्र. आप कहते हैं कि बाजार प्रतिस्पर्धी है, लेकिन आपूर्ति की कमी क्यों है, क्योंकि मेटेरियल की पेंडेंसी लगभग 20 दिनांे तक है जो पहले 50 दिन भी थी?

एमडीएफ में चीजें तेजी से बदलती हैं, बाजार पिछले दो महीनों से सुस्त है, हालांकि हमने अच्छा प्रदर्शन किया है और कड़ी मेहनत करते हुए बहुत सारे संरचनात्मक बदलाव लाए है। मैं कहूंगा कि मांग लगातार बढ़ रही है लेकिन बाजार कम है, क्योंकि आपूर्ति बढ़ रही है और कई डोमेस्टिक प्लेयर बाजार हिस्सेदारी हासिल करना चाहते हैं। इसलिए,स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है। दो महीने पहले किया गया अवलोकन अब प्रभावी नहीं हो सकता।  बाजार का प्रतिस्पर्धी होना, कोई डरने वाली बात नहीं है। मैं उनकंपनियों का स्वागत करता हूं जो एमडीएफ उत्पादन में आ रही हैं, क्योंकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा इस केटेगरी को बाजार में अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी।

प्र.  एक रिटेलर के लिए आज एमडीएफ कितना जरूरी है?

हां, मैं रिटेलर से कहूंगा कि यह शुरू करने का सही समय है,क्योंकि अभी भी पैनल बाजार में एमडीएफ की हिस्सेदारी प्लाइवुड व कोई अन्य के मुकाबले 6 से 7 फीसदी है (पिछले साल यह 5 से 6 फीसदी थी)। जब बाजार में संभावित अंतर बहुत ज्यादा होता है, तो ग्रोथ की संभावनाएं हमेशा काफी ज्यादा होती है। यदि उत्पाद की जागरूकता बढ़ी है, तो रिटेलरों के बीच एमडीएफ को एक पहचान भी मिल रही है। यह ओईएम, कारपेंटर और किचन सेगमेंट में भी बढ़ रहा है। अब आर्किटेक्ट भी सिफारिश कर रहे हैं, इसको सरकारी विभागों की भी मान्यता मिल रही हैं क्योंकि अब वे इसके फायदे से वाकिफ हैं। हालांकि बहुत काम करना बाकी है, लेकिन रिटेलरों को इसे अपने पास रखने में संकोच नहीं करना चाहिए। एमडीएफ के पास उस स्तर पर जाने का काफी अच्छा मौका है, जिस पर प्लाइवुड जैसे अन्य पैनल उत्पाद हैं। खुदरा विक्रेताओं के लिए इसे अपने पास रखना एक समझदारी भरा कदम होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें व्यापार में घाटा होगा।

प्र. पिछले दो वर्षों में हाई डेंसिटी हाई मॉइस्चर रेजिस्टेंस - ग्रीन बोर्ड की अवधारणा बहुत तेजी से उभरी। इसके पीछे क्या सोच है?

ओईएम और फर्नीचर निर्माताओं की तुलना में उत्पाद जितना ज्यादा रेसिडेंसियल सेक्टर में जाता है; तो आमतौर पर लोग गुणवत्ता के प्रति अधिक जागरूक होते हैं। जब कोई उत्पाद रेसिडेंसियल प्रोजेक्ट में जाना शुरू होता है, तो हाई डेंसिटी वाला उत्पाद ऊपर जाएगा, यही कारण है कि ग्रीनपैनल के क्लब ग्रेड एचडीडब्ल्यूआर, एक्सटेरियर ग्रेड, कार्ब पी 2 ग्रेड, प्री-लेमिनेटेड एमडीएफ, विनियर एमडीएफ का उत्पादन फोकस बढ़ रहा है।

उत्तर भारत के बाजार में एचडीडब्ल्यूआर ने अच्छी पकड़ बनाई है। दक्षिण में जहां लोग एमडीएफ को डोर बनाने के लिए पसंद करते हैं, इसलिए एक्सटेरियर और क्लब ग्रेड दोनों ही अच्छी तरह से बढ़ रहे हैं। प्री-लैम की भी अच्छी मांग है, क्योंकि रेडीमेड उत्पाद होने के चलते इससे खरीदारों को बहुत आसानी होती है। इसे आसानी से लगाया भी जा सकता है। इसलिए, प्री-लैम रिटेलर के लिए एक प्रीमियम उत्पाद है, क्योंकि यूजर्स और कारपेंटर काकाफी समय बचता हैं। क्लब ग्रेड किचेन बनाने में भी उपयोग किया जा रहा है, इसलिए बिक्री भी 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है।

प्र. अचानक क्यों बदलाव आया और ग्राहक वैल्यू एडेड एमडीएफ की मांग क्यों कर रहे हैं?

यह कोई अचानक बदलाव नहीं है, नियमित रूप से चीजें विकसित होती रहती हैं। लोग इसके बारे में जागरूक हुए हैं और इस पर ध्यान भी दे रहे हैं। आपको याद होगा कि अपनी पिछली बातचीत में पहले हम वॉल्यूम के पीछे भाग रहे थे और अपनी क्षमता को बढ़ा रहे थे। हमारा प्लांट भारत में सबसे बड़ा है, इसलिए पहला लक्ष्य अपनी क्षमता तक पहुंचना था। एक बार जब हम क्षमता प्राप्त कर लेते हैं, तो प्रश्न उठता है कि वैल्यू कैसे हासिल करें? हमें ग्रोथकी जरूरत है, क्योंकि व्यवसाय स्थिर हो ही नहीं सकता, इसलिए अगला प्रोडक्ट मिक्स अपग्रेड करना था। जब एक कंपनी के साथ-साथ टीम बनाकर ध्यान दिया जाता है तो नेटवर्क के भीतर, बाजार और यूजर को भी काफी फायदा होता है। हमने अपने उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारे प्रचार अभियान चलाए।

प्र. क्लब ग्रेड एचडीडब्ल्यूआर ने प्लाइवुड का कितना हिस्सा अपनाया है?

इसके बारे में बताना जल्दबाजी होगा कि प्लाइवुड में कितना हिस्सा लिया है। प्लाइवुड के खरीदार अलग-अलग सेगमेंट में अलग अलग प्राइस बैंड में खरीददारी करते हैं, क्योंकि वे ब्रांडेडसेगमेंट में 120 रुपये वर्ग फीट भी खरीदते हैं। जबकि क्लब ग्रेड एचडीडब्ल्यूआर - 18 मिमी की कीमत लगभग 100 रुपये प्रति वर्ग फुट है। इसलिए, यह उनके लिए सस्ते होंगे। इसके पास बाजारका एक छोटा हिस्सा है; अधिकांश अभी भी मीडियम सेगमेंट में स्थानीय खरीदारों का ही है। इसलिए, प्लाइवुड से प्रतिस्पर्धा करनाठीक नहीं है। मैं प्लाइवुड के  प्रतिस्थापन के बारे में अपने आपको दिखाना नहीं चाहता।

 हम बाजार में एक अलग केटेगरी बनाना और स्थापित करना चाहते हैं। एक खरीदार जो 60 रुपये का प्लाई खरीद रहा है, वह ऐसा उत्पाद नहीं लेगा, जिसकी कीमत 100 रुपये हो। यह हमें और हमारे डीलरों को भी अच्छी तरह से समझना चाहिए। डीलर अपेक्षित बिक्री को एमडीएफ में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, वे क्लब एमडीएफ को 18 मिमी प्लाई की तुलना में किफायती मानते हैं। यह बिक रहा है फिर भी क्लब ग्रेड एमडीएफ की गुणवत्ता की तुलना स्थानीय प्लाइवुड से नहीं की जा सकती है।

प्र. क्लब एचडीडब्ल्यूआर के क्या क्या क्वालिटी हैं?

यह पूरी तरह से एक मेलामाइन का बना उत्पाद है; घनत्व बहुत अधिक है, जो कम मोटाई में 850 से 880 तक रहता है और 900 तक भी जाता है। यह बोरर, टरमाइट, फंगस, और वाटर प्रूफ भी ै। हालांकि अभी बाजार, हरे रंग के मेटेरियल भरा पड़ा है। ये चीजें ग्राहकों को समझना होगा।

प्र. ग्राहक उनके बीच अंतर को कैसे समझ सकते हैं?

एक सरल तरीका यह है कि ग्राहक एक नमूना लेकर 84 घंटे तक घर पर ही वाटर डिपिंग टेस्ट कर सकते हैं। ज्यादा पानी सोखने वाला उत्पाद अच्छा नहीं होगा। दूसरा विकल्प उत्पाद के घनत्व की तुरंत जांच करना है। घनत्व की जाँच करने का आसान फार्मूला है, जिसमे लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई को गुणा कर एक हजार से विभाजित किया जाता है। फिर इसे तौलते हैं और वजन को वॉल्यूम से विभाजित करने पर घनत्व प्राप्त होता है। इस तरह आदर्श रूप से 18 मिमी एमडीएफ का वजन लगभग 30 किलो होता है तो कैलकुलेशन बाद घनत्व लगभग 830 से 900 होगा।

प्र. क्या एमडीएफ सिर्फ सबस्ट्रेट ही है, या ब्रांड का भी कोई महत्व है?

संगठित और असंगठित कंपनियों के उत्पाद में लगभग 10 से 12 फीसदी का अंतर होता है। मैं उसके के बारे में बात नहीं कर रहा हूं, जो घटिया उत्पाद पेश करते हैं। एमडीएफ अभी भी नया है, हालांकि बाजार में संभावनाएं काफी हैं। बाजार कुछ नया खोज रहा है क्योंकि पूरा बाजार प्लाइवुड का ही है, इसलिए आर्किटेक्ट को भी सही तरीके से बताने की जरूरत है। वे कुछ नयी बातंे जानकार हैरान होते हैं क्योंकि उपयोग, अनुप्रयोग और गुणवत्ता के बारे में वे भी पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं। इसका कारण पहले एमडीएफ कंपनियों द्वारा ऐसी पहल कभी की ही नहीं गई थी। हमने अब अपनी बीडीएम टीम के साथ इस पर काम करना शुरूकर दिया है। इस इनिशिएटिव से खुदरा बिक्री बढ़ेगी और उत्पाद बाजार में एक नई ताकत हासिल करेगा। यही कारण है कि बाजार में एचडीडब्ल्यूआर को स्वीकार किया जा रहा है। अगर कंपनी ग्रोथ करना चाहती है, तो उन्हें सही व्यवहार अपनाना चाहिए।

प्र. स्टॉकिस्ट का कहना है कि एमडीएफ में कोई मार्जिन नहीं है, इस पर आपकी क्या टिप्पणी है?

देखिये, स्थानीय कंपनियां कम गुणवत्ता वाले ग्रीन बोर्ड बेचती हैं जो कम मार्जिन पर कम कीमत पर भी बेचे जाते हैं। अब, अगर वे हमारे हाई वैल्यू वाले क्वालिटी प्रोडक्ट बेचते हैं, जहां हम एककंपनी के रूप में ब्रांड बिल्डिंग, एडवर्टीजमेंट, पीआर कैम्पेन जैसी बिक्री बढ़ाने और उनको सहयोग करने के लिए बहुत प्रयास कर रहे हैं। अगर वे 100 रुपये पर 10 फीसदी मार्जिन पर बेच रहे हैं, लेकिन अगर वे 150 रुपये पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बेच रहे होंगे, तो उन्हें 15 फीसदी मार्जिन मिलेगा। तो, रुपये के साथ-साथ प्रतिशत में भी उनका मार्जिन बढ़ेगा बशर्ते कि उन्हें ईमानदार होना होगा और इसे अपनाना होगा। ग्राहकों को सही उत्पाद प्रदान करना भी व्यापारियों की जिम्मेदारी है। यदि ग्राहक ठगे जाते हैं तो उत्पाद बदनाम हो जाता है और उससे बाहर आना बहुत मुश्किल होता है साथ ही पूरी प्रोडक्ट केटेगरी प्रभावित होती है।

प्र. आप अगले तीन वर्षों में एमडीएफ को किस स्तर पर और कैसे देखते हैं?

इसके प्रतिस्पर्धी होते जाने के बावजूद हम काफी आशावादी हैं। 

मुख्य बातें

  • ईमानदारी पूर्वक ब्रांडेड कंपनियों द्वारा किये जा रहे पहल को सहयोग करें।
  • अच्छी प्रोडक्ट क्वालिटी को अपनाएं और क्वालिटी से ही क्वालिटी की तुलना करें।
  • त्व्प् उत्पाद बेचने के दबाव से निर्देशित होता है।
  • ब्रांडेड या संगठित उत्पाद बेचकर व्यवसाय करना आसान होता है।
  • स्थानीय कंपनियों के साथ व्यवसाय करने से मार्जिन थोड़ा ज्यादा हो सकता है, लेकिन इसमें शांति नहीं है।
  • अनैतिक प्रथाओं को बढ़ावा न दें।
  • सेल्स प्रोफेशनल को अपने काम और परफॉर्मेंस का विश्लेषण करना चाहिए और पता लगाना चाहिए कि कहां कमी हैं। कंपनियों से जुड़ी दिक्कतें अपने आप दूर हो जाएंगी।
  • एमडीएफ एक प्रोडक्ट केटेगरी के रूप में रिटेलर्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को ही अपनाएं।
  • उद्योग के पेशेवर अब उत्पाद को समझने लगे हैं इसलिए यह बहुत अच्छी तरह विकसित हुआ है।
  • ज्यादा कंपनियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन असली खेल तभी शुरू होगा और यह दिलचस्प होगा।
  • ग्रीनपैनल ने 1150 करोड़ रुपये का कारोबार किया है, इसलिए सभी पहलुओं में प्रदर्शन अच्छा है, चाहे वह शेयर की कीमत हो, उत्पादन हो, राजस्व हो, या प्लांट हो।
  • डीलर/स्टॉकिस्ट यदि व्यापार करने में आसानी, मन की शांति और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद की पेशकश करने से मिली प्रतिष्ठा की कीमत जोड़ते हैं तो आरओआई हमेशा अच्छा ही होगा।

हम नए आ रहे प्लेयर्स का स्वागत करते हैं लेकिन हम उनसे अनुरोध करना चाहते हैं कि यदि वे वास्तव में ग्रोथ करना चाहते हैं, तो साफ सुथरी कार्यप्रणाली और प्रैक्टिसेज को अपनाएं। यदि चीजें वास्तव में उनको समझौता करने पर मजबूर करती हैं तो वे आगे नहीं बढ़ पाएंगे। हमने सुना है कि टैक्स एडजस्टमेंट भी चल रहा है जो हमने एमडीएफ में कभी नहीं सुना था। इससे उन्हें आगे बढ़ने में कोई मदद नहीं मिलेगा और कंपनियां खत्म हो जाएंगी। यदि आप ऐसी चीजें अपनाते हैं तो असंगठित तरीके से ग्रोथ नहीं कर सकते। इसलिए, भविष्य बहुत अच्छा है क्योंकि बाजार की काफी अच्छी स्थिति के साथ संभावनाएं भी काफी ज्यादा हैं, जो 6 फीसदी के मौजूदा स्तर से 20 फीसदी तक बढ़ जाएंगी, फिर भी मैं उनसे बाजार में एक केटेगरी के रूप में एमडीएफ को बढ़ावा देने का अनुरोध करता हूं। अगर हम एमडीएफ का एक बड़ा बाजार बनाते हैं, तो मुझे लगता है कि शेयर हासिल करना कोई बड़ी बात नहीं होगी। संभवतः वर्तमान में जो मेरा हिस्सा लगभग 35 फीसदी है वह नीचे जा सकता है लेकिन अगर इस साल हमने 1150 करोड़ रु की बिक्री हासिल की तो अगले साल 2000 करोड़ तक जाएगी। प्रत्येक कंपनी के लिए सही अवसर के साथ, व्यवसाय वैल्यू और वॉल्युम दोनों में बढ़ेगा लेकिन सभी को इस कटेगोरी को बढ़ावा देने पर काम करना होगा।

प्र. एमडीएफ के डेकोरेटिव सरफेस अप्लीकेशन और फ्लोरिंग आदि जैसे अन्य उत्पादों के बारे में क्या कहते है? ग्रीनपैनल केरेंज में क्या क्या हैं?

फ्लोरिंग में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, अगर मैं संख्या की बात करूं तो बिक्री पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी है। पहले हम हर महीने लगभग 2.25 लाख वर्ग फुट फ्लोरिंग बेच रहे थे, जो इस साल 6 लाख वर्ग फुट हो गया है। कारोबार पहले 12 करोड़ रुपये से 30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। आयात नहीं हो रहा है इसलिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के बढनें की काफी गुंजाइश है। अगर हम वैल्यू फॉर मनी प्रोडक्ट देंगे तो वे खरीदेंगे ही।

डेकोरेटिव सरफेस में हम बहुत कुछ कर रहे हैं। इसके अलावा हम विनियर भी दे रहे हैं और एमडीएफ पर भी विनियर ऑफर कर रहे हैं ताकि इसे प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। हमने एमडीएफ पर ओकूमे, अकासिया, मैंगो, शीशम के विनियर की पेशकश करके फिर से एक कमर्शियल प्रोडक्ट बनाया है। हम एक अलग बाजार भी बनाने जा रहे हैं लेकिन चीजें थोड़ी अटक गई हैं क्योंकि मांग पर दबाव था। हम वैल्यू प्रोपोजिशन के साथ-साथ कई अन्य उत्पाद भी देंगे।

प्र. यदि आपके पास व्यापार के मोर्चे पर इस वुड पैनल ट्रेड में कुछ बदलने की शक्ति हो, तो आप क्या बदलना चाहेंगे?

व्यापार के दागनुमा हिस्से को, मैं संगठित व्यवसाय में बदलना चाहता हूं क्योंकि अनऑर्गनाइज्ड प्रैक्टिसेज में, कंपनियां और डीलर दोनों को एडजस्ट करना पड रहा हैं। हम सब मिलकर उस चेन को लाएंगे तो लोग कम से कम संगठित होने के फायदे को जरूर समझेंगे ।

प्र. सेल्स वालों के लिए आपका क्या सुझाव है?

उनके लिए मेरा एकमात्र सुझाव यह होगा कि पहले स्वयं के प्रति ईमानदार बनंे, क्योंकि एक व्यक्ति होने के नाते केवल हम जानते हैं कि स्वयं को बदलने और इसे समझने की हमारी क्षमता किसी और से ज्यादा होगी। हमारी कमजोरियां और ताकत क्या हैं। इसकेबाद ही वे इस पर काम कर पाएंगे। हमने पूरी मार्केटिंग टीम कोविनम्र और दयालु होने और समस्या का समाधानकर्ता बनने के लिए हमेशा प्रेरित किया है। ऑर्डर मांगने के बजाय बिक्री के सलाहकारबनें। ब्रांड ग्रीनपैनल हमेशा आपके साथ है और आपको विश्वास दिलाता है कि तीन वर्षों में हमारा टर्नओवर बढ़कर 3000 करोड़ रुपये हो जाएगा। आपका व्यवसाय भी तीन गुना अधिक हो जाएगा, इसलिए हमारे साथ रहें और ब्रांड ग्रीनपैनल में विश्वास बनाए रखें।

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