डेकोरेटिव शोरूम में प्री-फिनिश्ड मेटेरियल की खरीदारी का रूझान

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कोविड के पहले डिस्प्ले शो रूम कल्चर का सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाला डेकोरेटिव विनियर सेगमेंट था। इसके चलते लोग और डिजाइनर रिटेल काउंटरों की ओर आकर्षित हुए क्योंकि विनियर एक  नेचुरल मेटेरियल है और सभी ग्रुप अपनी अलग एस्थेटिक होता है। अगर उनके काउंटर में अच्छा डिस्प्ले होता है तो इसके चलते रिटेलर को अच्छा फायदा, सम्मान और गुडविल अर्जित करने में मदद करता है। कई रिटेलर्स अपने शहर में काउंटर पर विनियर की बिक्री के बाद ही लोकप्रिय हुए हैं, लेकिन हाल ही में प्लाई रिपोर्टर और सर्फफेस टीम द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार कोविड की महामारी के बाद, इन शोरूमों ने प्री फिनिश्ड मेटेरियल, डेकोरेटिव लैमिनेट, हाइलाइटर्स और अन्य पर अधिक ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है।

मुंबई, पुणे, सूरत, बैंगलोर, हैदराबाद आदि में स्थित शोरूम मालिकों का मानना है कि ग्राहक रेडीमेड डेकोरेटिव पैनल की अधिक मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे अपने इंटीरियर के कामों में अधिक समय नहीं लगाना चाहते हैं, इसलिए वे प्रीमियम क्वालिटी लेमिनेट और अन्य उत्पाद जैसे हाइलाइटर्स खरीदना चाहते हैं जैसे, इंटीरियर डिजाइनर और आर्किटेक्ट भी इस तरह के मेटेरियल का उपयोग करने के इच्छुक हैं, इसलिए रिटेलर्स पिछले 3 महीनों (सितंबर से नवंबर) से लैमिनेट्स, ऐक्रेलिक शीट्स, चारकोल पैनल्स, लौवर्स और अन्य डेकोरेटिव हाइलाइटर्स की अपनी सेल्स संख्या को बनाए हुए हैं। पिछले 5 वर्षों के दौरान, वुड और डेकोरेटिव पैनल व्यापार ने खरीदारों, को आकर्षित करने के लिए शोरूम और डिस्प्ले सेंटर बनाने में बहुत पैसा खर्च किया है। भारत में लगभग 800 वर्गफुट और उससे अधिक आकार के लगभग 1500 डेकोरेटिव शोरूम खोले गए हैं जिनका पूरा फोकस रिटेल बाजार पर होता है। ये शोरूम डेकोरेटिव विनियर, लेमिनेट्स, पीवीसी और ऐक्रेलिक पैनल, चारकोल पैनल और अन्य हाइलाइटर्स के ग्रोथ का प्रमुख संचालक के रूप में उभरे।

डेकोरेटिव इंडस्ट्री का ग्रोथ काफी हद तक शोरूम डिस्प्ले और व्यक्तिगत सेल्स के उनके तरीकों पर निर्भर करती है। कोविड के बाद, ग्राहकों के फुटफॉल कोविड के पहले के स्तर का लगभग 60 फीसदी पर वापस आ गया है, लेकिन लोगों का रुझान अभी रेडीमेड मेटेरियल की ओर ही है। शोरूम मालिकों ने यह भी दावा किया कि घर बनाने के लिए डेकोरेटिव सरफेस मेटेरियल के चयन के लिए वे व्यक्तिगत रूप से शोरूम आते है। डिजिटल पीडीएफ से काम नहीं चल रहा है और न ही ग्राहक ऑनलाइन डिजाइन को पसंद कर फाइनल कर रहे हैं।

94 फीसदी शोरूम के मालिकों ने कहा कि डिजिटल रूप से ग्राहक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। एकमात्र परिवर्तन यह है, जो अस्थायी भी हो सकता है कि रेडीमेड सरफेस मेटेरियल जो कम समय में अप्लाई हो सके और कीमत भी कम हो, इसकी मांग ज्यादा है। ग्राहकों, आर्कीटेक्ट्स और इंटीरियर डिजाइनरों द्वारा शोरूम का दौरा करने की सकारात्मकता के साथ, शोरूम के कई मालिकों ने वास्तव में 4000 वर्ग फीट और उससे अधिक के बड़े डिस्प्ले एरिया की योजना बनाना शुरू कर दिया है।

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